भाग 19 · प्रकीर्ण

अनुच्छेद 361B दल-परिवर्तन के आधार पर मंत्रित्व के लिए अनयोग्यता

  1. दल का किसी सदन का कोई सदस्य, जो दसवीं अनुसूची के पैरा 2 के अधीन निरर्हित निरहता सदन का सदस्य होने के लिए है, अपनी की तारीख से प्रारंभ भ होने वाली और उस तारीख तक जिसको ऐसे सदस्य के रूप में उसकी पदावधि समाप्त होगी या निर्वाचन निर्वाचित उस तारीख तक जिसको वह किसी सदन के लिए कोई लड़ता है, और घोषित किया जाता है, इनमें से जो भी पूर्वतर हो, की अवधि के दौरान, कोई लाभप्रद निरर्हित राजनीतिक पद धारण करने के लिए भी होगा ।
  2. व्याख्या।स्पष्टीकरण-- इस अनुच्छेद द के प्रयोजनों के लिए,--
  3. (क) “सदन” पद का वही अर्थ है जो उसका दसवीं अनस अनुसूची च के पैरा 1 के खंड (क) में है
  4. (ख) “लाभप्रद राजनीतिक पद” अभिव्यक्ति से अभिप्रेत है,— (i) भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन कोई पद, जहां ऐसे पद के लिए वेतन या पारिश्रमिक का संदाय, भारत यथास्थिति, सरकार या राज्य सरकार के लोक राजस्व से किया जाता है; या संविधान 1. (चवालीसवां संशोधन) अधिनियम, 1978 की धारा 42 दूवारा (20-6-1979 से) अनुच्छेद द 361क अंतःस्थापित। भारत का संविधान सं वधान 221 किसी निकाय (ii) कसी नकाय के अधीन, चाहे निगमित नग मत हो या नहीं, ं, जो भारत सरकार या किसी राज्य रा य सरकार के पूर्णतः पू णतः या भागतः स्वामित्वाधीन वा म वाधीन है, कोई पद और ऐसे पद के ल्रिए लए वेतन तन या पारिश्रमिक पा र मक का संदाय ऐसे निकाय से किया जाता है, सिवाय वहां के जहां संद त ऐसा वेतन तन या पा र मक तकरा मक व प का है । संदत्त पारिश्रमिक प्रतिकरात्मक स्वरूप

इसका अर्थ

ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।

यह अनुच्छेद अयोग्य सदस्यों को पद से रोकता है। दल-बदल से हटाया गया सदस्य वेतन वाला राजनीतिक पद नहीं ले सकता। यह रोक अयोग्यता की अवधि या सदन की अवधि खत्म होने तक चलती है, जो पहले हो। इससे दल-बदल का इनाम वाला रास्ता बंद होता है।

Article 361B in English