भाग 15 · निर्वाचन
अनुच्छेद 325 धमर्, मल वंश, या लिंग के आधार पर किसी व्यक्ति का
- धर्म, मूलवंश, जाति निर्वाचक- में किए जाने के लिए अपात्र न होना और उसके दवारा किसी विशेष नामावल्री सम्मिलित में किए जाने का दावा न किया जाना— संसद् के प्रत्येक निर्वाचक-नामावत्री सम्मिलित सदन या किसी राज्य के विधान-मंडल के सदन या प्रत्येक सदन के लिए के निर्वाचन लिए प्रत्येक प्रादे के लिए एक साधारण होगी और प्रादेशिक निर्वाचीन-क्षेत्र निर्वाचक-नामावली केवल धर्म, मल वंश, या इनमें से किसी के आधार पर कोई व्यक्ति ऐसी मूलवंश, जाति, लिंग किसी नामावली में किए जाने के लिए अपात्र नहीं होगा या ऐसे किसी सम्मिलित के लिए किसी विशेष में किए जाने का दावा निर्वाचन-क्षेत्र निर्वाचक-नामावल्ली सम्मिलित नहीं करे गा ।
इसका अर्थ
ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।
यह अनुच्छेद मतदाता सूची में एक साझा नागरिकता बनाता है। हर निर्वाचन क्षेत्र के लिए एक सामान्य मतदाता सूची है। धर्म, मूलवंश, जाति या लिंग के कारण कोई उसके लिए अयोग्य नहीं। सूची पूरे क्षेत्र की जनता के लिए एक है।