भाग 15 · निर्वाचन
अनुच्छेद 329 संबंधी मामलों में न्यायालयों के का वजर्न– 1[इस में किसी श्न्न््ज्
- बात के होते हुए भी 2***— अनुच्छेद अनुच्छेद (क) अनच् छे द 327 या अनच् निर्वाचनभ्षेत्रों छे द 328 के अधीन बनाई गई या बनाई जाने निर्वाचन-क्षेत्रों के लिए तात्पर्यित किसी ऐसी विधि की विधिमान्यता, जो के परिसीमन या ऐसे को स्थानों के आबंटन से संबंधित है, किसी न्यायालय मैं प्रश्नगत नहीं की जाएगी; निर्वाचन निर्वाचन अर्जी (ख) संसद् के प्रत्येक सदन या किसी राज्य के विधान-मंडल के सदन या प्रत्येक सदन के लिए कोई ऐसी पर ही प्रश्नगत किया जाएगा, जो ऐसे प्राधिकारी को और ऐसी रीति से प्रस्तुत की गई है जिसका समुचित विधान-मंडल द्वारा बनाई गई विधि द्वारा या उसके अधीन उपबंध किया जाए, अन्यथा नहीं । १329क. अध्यक्ष निर्वाचनों में विशेष उपबंध (चवाल्लीसवां
इसका अर्थ
ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।
यह अनुच्छेद चुनाव प्रक्रिया को अदालतों से बाहर रखता है। परिसीमन कानूनों की वैधता अदालत में नहीं लड़ी जा सकती। चुनाव केवल निर्वाचन याचिका से चुनौती दिया जा सकता है, विधान-मंडल के बताए अधिकारी के पास। विवाद कानून की बनाई प्रक्रिया को जाते हैं।