भाग 15 · निर्वाचन
अनुच्छेद 326 लोक सभा और राज्यों की विधान सभाओं के लिए का वयस्क
- मताधिकार के आधार पर होना— लोक सभा और प्रत्येक राज्य की विधान सभा के लिए निर्वाचनों वयस्क मताधिकार के आधार पर होंगे अथार्त ् प्रत्येक व्यक्ति, जो भारत का नागरिक है और ऐसी तारीख को, जो चत द्वारा बनाई गई किसी विधि निर्वाचन अर्थात् दूवारा या उसके अधीन इस नियत की जाए, कम से कम थूअठारह वर्ष की आय समचित विधान-मंडल दूवारा का है और इस संविधान या समचित विधान-मंडल द्वारा बनाई गई किसी विधि के निमित्त अधीन अनिवास, अपराध या श्रष्ट या अवैध आचरण के आधार पर अन्यथा नहीं कर दिया जाता है, ऐसे किसी मैं मतदाता के रूप मैं रजिस्ट्रीकृत चित्तविकति, होने का हकदार होगा । निरर्हित निर्वाचन
इसका अर्थ
ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।
यह अनुच्छेद हर वयस्क को मत देता है। लोक सभा और हर राज्य की विधान सभा के चुनाव वयस्क मताधिकार पर होते हैं। योग्य व्यक्ति वह है जो नागरिक हो और योग्यता तिथि पर अठारह वर्ष से कम न हो। एक व्यक्ति, एक मत, एक मूल्य।