भाग 15 · निर्वाचन
अनुच्छेद 327 के लिए के संबंध में उपबंध करने की संसद् की
- शक्ति इस संविधान के उपबंधों के अधीन रहते हुए, संसद् समय-समय पर, विधि दूवारा, संसद् के प्रत्येक सदन या किसी राज्य के विधान-मंडल के सदन या प्रत्येक सदन विधान-मंडल्रों निर्वाचनों के लिए से संबंधित या संसक्त सभी विषयों के संबंध में, जिनके अंतर्गत -;- तैयार कराना, का परिसीमन और ऐसे सदन या सदनों का सम्यक् गठन सुनिश्चित करने के लिए अन्य सभी आवश्यक विषय हैं, उपबंध कर निर्वाचनों सकेगी । निर्वाचक-नामावली निर्वाचन-क्षेत्रों शब्दों का लोप किया गया । संविधान 2. (इकसठवां संशोधन) अधिनियम, 1988 की धारा 2 द्वारा (28-3-1989 से) “इक्कीस वर्ष” के स्थान पर प्रतिस्थापित । संविधान 5--निर्वाचन) (भाग निर्वाचनों
इसका अर्थ
ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।
यह अनुच्छेद संसद को चुनावों पर कानून बनाने देता है। संसद कानून से संघ और राज्य विधान-मंडलों के चुनावों से जुड़े सारे मामलों का उपबंध कर सकती है। कानून परिसीमन, सूचियां और मतदान की प्रक्रिया ढकता है। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम इसी अनुच्छेद पर खड़े हैं।