भाग 8 · संघ राज्यक्षेत्र
अनुच्छेद 239क कुछ संघ राज्यक्षेत्रों रा य के लिए स्थानीय विधान-मंडलों या मंत्रि-परिषदों मं -प रषद का
- या दोनों का सूजन-- संसद,
- (1) विधि संस, दूवारा व “ शुपुडचेरी ध वारा पु डु चे र संघ राज्यक्षेत्र रा य के लिए, --
- (क) उस संघ रा य के वधान-मंडल के रूप में कार्य करने के लिए राज्यक्षेत्र विधान-मंडत्र नवा चत या भागतः नाम नद शत और भागतः नवा चत नकाय का; या निर्वाचित नामनिर्देशित निर्वाचित निकाय (ख) मं -प रष का, मंत्रि-परिषद् या दोनों का सूजन कर सकेगी, से येक का गठन, शि तयां और कृ य वे ह गे जो उस व में म व न द ट कए जाएं । जिनमें प्रत्येक शक्तियां कृत्य होंगे खंड में ड (1) म न द ट व ध को, अनु छे द 368 के योजन के लिए इस विधि विनिर्दिष्ट किए सं वधान का संशोधन इस बात के होते हुए ए भी नहीं ं समझा जाएगा कि उसमें कोई ऐसा उपबंध अंत व ट है जो इस सं वधान का संशोधन करता है या संशोधन करने का भाव निर्दिष्ट विधि अनुच्छेद प्रयोजनों रखता है । संविधान अंतर्विष्ट संविधान प्रभाव न. सं वधान (सातवां संशोधन) अ ध नयम, 1956 की धारा 17 द्वारा (1-11-1956 से) “पहली अनु सूची के भाग ग में के रा य” शीषक के स्थान पर त था पत । त था पत । दमण और दीव व और पां डचे र संघ रा में म से किसी के लिए” श द के स्थान पर त था पत । प्रतिस्थापित ।. स्थान पर त था पत । * अनु छे द 239क ज मू-क मीर पुनगठन अ ध नयम, 2019 (2019 का 34) की धारा 13 दूवारा (31-10-2019 से) संविधान अधिनियम, अंतःस्थापित ज मू-क मीर संघ रा य को लागू किया गया है । जि पुनर्गठन अधिनियम, पांडिचेरी राज्यक्षेत्रों शब्दों प्रतिस्थापित ।. पांडिचेरी परिवर्तन) अधिनियम, “पांडिचेरी” प्रतिस्थापित । अनुच्छेद जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, जम्मू-कश्मीर राज्यक्षेत्र दि (० पा 1 73 (भाग 8—संघ राज्यक्षेत्र) भारत क (भाग 8— संविधान (उनहत्तरवां
इसका अर्थ
ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।
यह अनुच्छेद संसद को संघ राज्यक्षेत्रों के लिए विधान-मंडल बनाने देता है। संसद कानून से पुदुचेरी के लिए चुना हुआ या अंशतः मनोनीत विधान-मंडल बना सकती है। वह राज्यक्षेत्र के लिए मंत्रिपरिषद भी बना सकती है। ऐसा कानून अनुच्छेद 368 के तहत संशोधन नहीं माना जाता। पुदुचेरी में आज इसी अनुच्छेद से निर्वाचित विधान सभा है।