भाग 8 · संघ राज्यक्षेत्र
अनुच्छेद 239कख सांविधानिक तंत्र के विफल हो जाने की दशा में उपबंध— यदि राष्ट्रपति
- का, उप-राज्यपाल्र से प्रतिवेदन मिलने पर या अन्यथा, यह समाधान हो जाता है कि,--
- (क) ऐसी उत्पन्न हो गई है राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र का स्थिति जिसमें प्रशासन अनच् अनुच्छेद छे द 239कक या उस अनुच्छेद अनच् छे द के अनुसरण अनस मैं रण बनाई गई किसी विधि के उपबंधों के अनुसार अनसु नहीं चलाया जा सकता है; या (ख) राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र के उचित प्रशासन के लिए ऐसा करना आवश्यक या समीचीन है, तो राष्ट्रपति, आदेश श द्वारा, अनुच्छे द 239कक के किसी उपबंध के अथवा उस अनच्छेद द के अनस में रण बनाई गई किसी विधि के सभी या किन्हीं उपबंधों के प्रवर्तन को, ऐसी दवारा, अनच्छेद अनुसरण संविधान 1. (सत्तरवां संशोधन) अधिनियम, 1992 की धारा 3 द्वारा (21-12-1991 से) “(7)” के स्थान पर प्रतिस्थापित । संविधान (सत्तरवां 3. (नाम अधिनियम, 2006 (2006 का 44) की धारा 4 दूवारा (1-10-2006 से) “पांडिचेरी” के स्थान पर प्रतिस्थापित । पांडिचेरी परिवर्तन) 116 ।6 अवधि के लिए और ऐसी शर्तों के अधीन रहते हुए, जो ऐसी विधि में विनिर्दिष्ट की जाएं, निलंबित कर सकेगा, तथा ऐसे आनृषंगिक आनष और पारिणामिक उपबंध कर सकेगा जो अनच्छेद द 239 और अनच्छेद द 239कक के उपबंधों के अनसार राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र के प्रशासन के लिए उसे आवश्यक या समीचीन प्रतीत हों ।
इसका अर्थ
ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।
यह अनुच्छेद दिल्ली की सरकार के टूटने की स्थिति संभालता है। राष्ट्रपति को पहले यह संतुष्ट होना है कि अनुच्छेद 239कक के तहत प्रशासन नहीं चल सकता। तब वे आदेश से उसके उपबंध स्थगित कर सकते हैं। सभा निलंबित हो जाती है। उस अवधि की शक्तियां राष्ट्रपति संभालते हैं। यह दिल्ली के लिए राष्ट्रपति शासन का उपबंध है।