भाग 9B ·
अनुच्छेद 243यञ बोर्ड के सदस्यों और उसके पदाधिकारियों की संख्या और पदावधि
- (1) बोर्ड में उतनी संख्या में निदेशक होंगे, शक जितने राज्य विधान-मंडलर द्वारा, विधि दूवारा, उपबंधित किए जाएं: परंतु सहकारी तु सोसाइटी के निदेशकों की अधिकतम संख्या इक्कीस से अधिक नहीं होगी: परंतु तु यह और कि किसी राज्य का विधान-मंडल, विधि द्वारा, ऐसी प्रत्येक सहकारी सोसाइटी के बोर्ड में जो सदस्यों के रूप में व्यष्टियों से मिलकर बनी हो और उसमें अनुसूचित जातियों या अनुसूचित अनस जनजातियों स्त्रियों चत अथवा के वर्ग या प्रवर्ग से सदस्य हों, एक स्थान स्त्रियों आरक्षित अनुसूचित जातियों या अनुसूचित जनजातियों और दो स्थान के लिए करे गा । बोर्ड निर्वाचित पदाधिकारियों निर्वाचन (2) बोडर् के सदस्यों तथा उसके की पदावधि, की पदाधिकारियों तारीख से पांच वर्ष की होगी और की पदावधि बोर्ड की अवधि के साथ सहावसानी होगी: बोर्ड, की आकस्मिक रिक्ति नामनिर्देशन परंतु तु बोर्ड बोडर् आकिस्मक को शन द्वारा उसी वर्ग के सदस्यों में से, जिसके संबंध में आकस्मिक रिक्ति हुई है, भर सकेगा, यदि बोर्ड की पदावधि उसकी मूल पदावधि के आधे से कम है । किसी वित्त क्षेत्र उददेश्यों (3) राज्य का विधान-मंडल, विधि दूवारा, ऐसी सोसाइटी के बोर्ड के सदस्यों के क्षेत्र विशिषज्ञता रूप में बैंककारी, प्रबंधन, के में अनुभव व्यक्तियों व रखने वाले या सहकारी सोसाइटी के उद्दे और उसके दूवारा किए जाने वाले क्रियाकलाप से संबंधित किसी अन्य में रखने परंतुक मैं विनिर्दिष्ट इक्कीस निदेशकों वाले बोर्ड के सदस्य होने वाले को सहयोजित करने के लिए, उपबंध कर सकेगा: परंतु तु ऐसे सहयोजित सदस्य खंड (1) के पहले परं तुक ष्ट के अतिरिक्त दो से अधिक नहीं होंगे: निर्वाचन पदाधिकारियों निर्वाचित परंतु तु यह और कि ऐसे सहयोजित सदस्यों को ऐसे सदस्य के रूप मैं उनकी हैसियत में सहकारी सोसाइटी के किसी में मतदान करने का या बोर्ड के के रूप में निदेशक, बोर्ड होने के लिए पात्र होने का अधिकार नहीं होगा: परंतुक विनिर्दिष्ट निदेशकों अपवर्जित परंतु तु यह भी कि किसी सहकारी सोसाइटी के कृत्यकारी शक, बोडर् के सदस्य भी होंगे और ऐसे सदस्यों को खंड (1) के पहले परं मैं कुल की कुल संख्या की गणना करने के प्रयोजन के लिए अपविजर्त किया जाएगा ।
इसका अर्थ
ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।
यह अनुच्छेद सहकारी समिति के बोर्ड से जुड़ा है। बोर्ड में उतने निदेशक होते हैं जितने राज्य विधान-मंडल कानून से तय करे। अधिकतम संख्या इक्कीस है। बोर्ड का कार्यकाल चुनाव की तारीख से पांच वर्ष है। राज्य अनुसूचित जाति या जनजाति के लिए एक और स्त्रियों के लिए दो सीटें, चुनाव से, रख सकता है।