भाग 9B ·

अनुच्छेद 243यठ बोर्ड का अधिक्रमण और निलंबन तथा अन्तरिम प्रबंध— (1) (।) तत्समय प्रवृत्त

  1. किसी विधि किसी में बात के होते हुए भी, कोई बोर्ड, छह मास से अधिक की अवधि के लिए अतिष्ठित नहीं किया जाएगा या निलंबनाधीन नहीं रखा जाएगा: बोर्ड परंतु तु बोडर् को— (0 (i) उसके लगातार व्यतिक्रम की दशा में; या कर्तव्यों उपेक्षा (ii) अपने के अनुपालन में करने की दशा में; या (iii) बोर्ड द्वारा सहकारी सोसाइटी या उसके सदस्यों के हितों के प्रतिकूल कोई कार्य करने की दशा में; या (९) बोर्ड के गठन या उसके कृत्यों में कोई गतिरोध उत्पन्न होने की दशा में; या अनुच्छेद (४ राज्य विधान-मंडल द्वारा, विधि दूवारा, अनच् अनुसार छे द 243यट के खंड (2) के निर्वाचन अधीन यथा उपबंधित प्राधिकारी या निकाय के राज्य अधिनियम के उपबंधों के अनस कराने में असफल रहने की दशा में, वित्तीय नहीं अतिष्ठित किया जा सकेगा या निलंबनाधीन रखा जा सकेगा: परंतु तु यह और कि जहां कोई सरकारी शेयर धारण या सरकार द्वारा कोई उधार या वाल्ली सहायता या प्रत्याभूति त है वहां ऐसी किसी सहकारी सोसाइटी के बोर्ड को अतिष्ठित नहीं किया जाएगा या निलंबनाधीन नहीं रखा जाएगा: परंतु तु यह भी कि बैंककारी कारबार करने किसी सहकारी सोसाइटी की दशा में बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (1949 का 10) के उपबंध भी लागू होंगे: परन्तु यह भी कि बहुराज्य सहकारी सोसाइटी से भिन्न बैंककारी कारबार करने वाली किसी सहकारी सोसाइटी की दशा में, इस खंड के उपबंध वैसे ही प्रभावी होंगे मानो “छह मास” शब्दों के स्थान पर “एक वर्ष” शब्द रखे गए थे । बोर्ड (2) बोडर् के अधिक्रमण की दशा में, ऐसी सहकारी सोसाइटी के कार्यकलाप का प्रबंध करने के लिए नियुक्त प्रशासक, खंड में विनिर्दिष्ट अवधि ष्ट के भीतर निर्वाचनों के संचालन के लिए व्यवस्था करेगा गा और उसका प्रबंध निर्वाचित बोर्ड को सौंपेगा । । किसी (3) राज्य का विधान-मंडल, विधि द्वारा, प्रशासक की सेवा की शर्तों के लिए उपबंध कर सकेगा ।

इसका अर्थ

ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।

यह अनुच्छेद बोर्ड के अधिग्रहण पर लगाम लगाता है। कोई बोर्ड छह माह से अधिक भंग या स्थगित नहीं रखा जा सकता। बीच की अवधि के लिए प्रशासक नियुक्त होता है। भंग किए जाने वाले बोर्ड को पहले अपना पक्ष रखना मिलता है। इससे समितियों पर राज्य नियंत्रण सख्त सीमा में रहता है।

Article 243ZL in English