भाग 4 · राज्य की नीति के निदेशक तत्त्व शक
अनुच्छेद 38 राज्य लोक कल्याण की के लिए सामाजिक व्यवस्था
- अभिवृद्धि बनाएगा— (1) राज्य ऐसी सामाजिक व्यवस्था की, सामाजिक, जिसमें आर्थिक और राजनैतिक न्याय राष्ट्रीय जीवन की सभी संस्थाओं को अनुप्राणित करे, भरसक प्रभावी रूप में स्थापना और करके लोक कल्याण की संरक्षण अभिवृद्धि का प्रयास करे थृ(2) ।
- (2) राज्य, विशिष्टतया, आय की असमानताओं को कम करने का प्रयास करेगा व्यष्टियों क्षेत्रों करे गा और न केवल के बीच बल्कि विभिन्न में रहने वाले और सविधाओं विभिन्न व्यवसायों में लगे हुए लोगों के समूहों के बीच भी प्रतिष्ठा, वधाओं और अवसरों की असमानता समाप्त करने का प्रयास करे गा । तत्त्व--
इसका अर्थ
ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।
यह अनुच्छेद राज्य से सामाजिक न्याय की व्यवस्था बनाने को कहता है। सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय राष्ट्रीय जीवन की सभी संस्थाओं को दिशा दे। राज्य ऐसी व्यवस्था को पाए और उसकी रक्षा करे। आय के अंतर कम करने का प्रयास करे, और दर्जे, सुविधाओं तथा अवसरों के अंतर दूर करने पर काम करे। ये कर्तव्य व्यक्तियों के बीच और समूहों के बीच, अलग-अलग क्षेत्रों और पेशों में लागू होते हैं।