भाग 14 · संघ और राज्यों के अधीन सेवाएं
अनुच्छेद 316 सदस्यों की और पदावधि (1) लोक सेवा आयोग के
- अपेक्षित और अन्य सदस्यों की यदि वह संघ आयोग या संयुक्त आयोग है तो, निर्देशों राष्ट्रपति दूवारा और, यदि वह राज्य आयोग है तो, राज्य के राज्यपाल 1*** दूवारा की निर्देश जाएगी: यथास्थिति, पूर्ति नियुक्ति अध्यक्ष 1. संविधान (सातवां संशोधन) अधिनियम, 1956 की धारा 29 और अनुसूची द्वारा (1-11-1956 से) “या राजप्रमुख” नियुक्ति, शब्दों का लोप किया गया । परंतु तु प्रत्येक लोक सेवा आयोग के सदस्यों में से यथाशक्य निकटतम आधे ऐसे नियुक्ति व्यक्ति होंगे जो अपनी-अपनी की तारीख पर भारत सरकार या किसी राज्य की सरकार के अधीन कम से कम दस वर्ष तक पद धारण कर चुके हैं और उक्त दस वर्ष की अवधि की संगणना करने में इस संविधान के प्रारंभ भ से पहले की ऐसी अवधि भी सम्मिलित की जाएगी जिसके दौरान किसी व्यक्ति ने भारत में क्राउन के अधीन या किसी देशी शी राज्य की सरकार के अधीन पद धारण किया है ।
- (1क) यदि आयोग के अध्यक्ष का पद रिक्त हो जाता है या यदि कोई ऐसा अध्यक्ष 1 अनुपस्थिति कर्तव्यों यथास्थिति, के कारण या अन्य कारण से अपने पद के का पालन करने अध्यक्ष में असमर्थ है तो, जब तक रिक्त पद पर खंड (1) के अधीन नियुक्त कोई कर्तव्यों व्यक्ति उस पद का कर्तव्य भार ग्रहण नहीं कर लेता है या जब तक अपने को फिर से नहीं संभाल लेता है तब तक आयोग के अन्य सदस्यों में से ऐसा एक सदस्य, जिसे संघ आयोग या संयुक्त त आयोग की दशा में राष्ट्रपति और राज्य कर्तव्यों आयोग की दशा मैं उस राज्य का राज्यपाल इस प्रयोजन के लिए नियुक्त करे, उन का पालन करे गा ।
- (2) लोक सेवा आयोग का सदस्य, अपने पद ग्रहण की तारीख से छह वर्ष की अवधि तक या संघ आयोग की दशा में पैंसठ वर्ष की आयु प्राप्त कर लेने तक और राज्य आयोग या संयुक्त आयोग की दशा में श्बासठ वर्ष की आयु प्राप्त कर लेने तक इनमें से जो भी पहले हो, अपना पद धारण करेगा: गा: परंत -- 3 (क) लोक सेवा आयोग का कोई सदस्य, संघ आयोग या संयुक्त त आयोग की दशा में राष्ट्रपति को और राज्य आयोग की दशा मैं राज्य के राज्यपाल 3*** को संबोधित अपने सहित लेख दूवारा अपना पद त्याग सकेगा
- (ख) लोक सेवा आयोग के किसी सदस्य को, अनुच्छेद द 317 के खंड (1) हस्ताक्षर या खंड (3) में उपबंधित रीति से उसके पद से हटाया जा सकेगा ।
- (3) कोई व्यक्ति जो लोक सेवा आयोग के सदस्य के रूप में पद धारण करता है, अपनी पदावधि की समाप्ति पर उस पद पर का पात्र नहीं होगा । की (पन्द्रहवां संशोधऩ) 1963 धारा 11 द्वारा (5-10-1963 से) अंतःस्थापित । । पुनर्नियुक्ति 2. संशोधन) अधिनियम, 1976 की धारा 2 द्वारा (7-9-1976 से) “साठ वर्ष” के स्थान पर प्रतिस्थापित । भ. 3. संविधान (सातवां संशोधन) अधिनियम, 1956 की धारा 29 और अनुसूची द्वारा (1-11-1956 से) “या राजप्रमुख” शब्दों का लोप किया गया । संविधान (पन््द्रहवां संशोधन) अधिनियम, संविधान (इकतालीसवां
इसका अर्थ
ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।
यह अनुच्छेद आयोग सदस्यों की नियुक्ति संभालता है। संघ आयोग के अध्यक्ष और सदस्य राष्ट्रपति नियुक्त करते हैं। राज्य आयोगों के लिए राज्यपाल। आधे सदस्य किसी सरकार के अधीन कम से कम दस वर्ष पद पर रह चुके हों। सदस्य छह वर्ष या बासठ वर्ष उम्र तक, जो पहले आए, पद पर रहता है।