भाग 14 · संघ और राज्यों के अधीन सेवाएं
अनुच्छेद 322 लोक सेवा आयोगों के व्यय— संघ या राज्य लोक सेवा आयोग के व्यय,
- जिनके अंतर्गत आयोग के सदस्यों या को या उनके संबंध में संदेय कोई वेतन, और पेंशन हैं, भारत की संचित निधि या राज्य की संचित निधि प्रतिवर्ष पर भारित होंगे । । जिनमें
इसका अर्थ
ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।
यह अनुच्छेद आयोगों का खर्च सार्वजनिक निधियों पर डालता है। आयोग का खर्च, वेतन और पेंशन समेत, संघ या राज्य की संचित निधि पर अधिरोपित होता है। यह प्रभार आयोगों को सालाना मतदान से बचाता है। उनकी स्वतंत्रता संविधान से वित्त पाती है।