भाग 9 · पंचायत

अनुच्छेद 243ग पंचायतों की संरचना— (1) इस भाग के उपबंधों के अधीन रहते हुए,

  1. मध्यवर्ती किसी राज्य का विधान-मंडल, विधि द्वारा, पंचायतों की संरचना की बाबत उपबंध कर सकेगा: किसी मध्यवर्ती मूल भाग 9 का संविधान (सातवां संशोधन) अधिनियम, 1956 की धारा 29 और अनुसूची दूवारा (1-11-1956 से) लोप किया गया और तत्पश्चात ् संशोधन) अधिनियम, 1992 की धारा 2 द्वारा (24-4-1993 से) अंतःस्थापित । । विनिर्दिष्ट संविधान (तिहत्तरवां परंतु किसी तु भी स्तर पर पंचायत के प्रादेशिक प्रादे क्षेत्र की जनसंख्या का ऐसी पंचायत में निर्वाचन द्वारा भरे जाने वाले स्थानों की संख्या से अनुपात समस्त राज्य में यथासाध्य एक ही हो ।
  2. (2) पंचायत के सभी स्थान, पंचायत में प्रादे से किसी क्षेत्र प्रादेशिक निर्वाचन-क्षेत्रों द्वारा चने हुए से भरे जाएंगे और इस प्रयोजन के लिए, प्रत्यक्ष निर्वाचन व्यक्तियों प्रत्येक पंचायत को प्रादे ऐसी रीति से किया जाएगा क्षेत्र प्रादेशिक निर्वाचन-क्षेत्रों में विभाजित कि प्रत्येक की जनसंख्या का उसको आबंटित स्थानों की संख्या से अनुपात निर्वाचन-क्षेत्र समस्त पंचायत में यथासाध्य एक ही हो । क्षेत्र (3) राज्य का विधान-मंडल, विधि द्वारा,—
  3. (क) ग्राम स्तर पर पंचायतों के का स्तर पर पंचायतों किसी में या ऐसे राज्य की दशा में, जहां स्तर पर पंचायतें नहीं हैं, जिला स्तर पर पंचायतों में; अध्यक्षों मध्यवर्ती (ख) स्तर पर पंचायतों के का जिला स्तर पर पंचायतों मध्यवर्ती में
  4. (ग) लोक सभा के ऐसे सदस्यों का और राज्य की विधान सभा के ऐसे सदस्यों का, जो उन का प्रतिनिधित्व करते हैं ग्राम स्तर से मध्यवर्ती अध्यक्षों भिन्न स्तर पर कोई पंचायत पूर्णतः या भागतः समाविष्ट है, ऐसी पंचायत में
  5. (घ) राज्य सभा के सदस्यों का और राज्य की विधान परिषद् के सदस्यों का, जहां वे,— निर्वाचन-क्षेत्रों जिनमें (i) स्तर पर किसी पंचायत के भीतर के क्षेत्र रूप में रजिस्ट्रीकृत है, स्तर पर पंचायत में; (ii) स्तर पर किसी पंचायत के भीतर के रूप में रजिस्ट्रीकृत हैं, जिला स्तर पर पंचायत मैं, प्रतिनिधित्व करने के लिए उपबंध कर सकेगा ।
  6. (4) पंचायत के और किसी पंचायत के ऐसे अन्य सदस्यों को, चाहे वे पंचायत में प्रादे से द्वारा चुने गए हों या नहीं, मध्यवर्ती क्षेत्र निर्वाचकों पंचायतों के अधिवेशनों में मत देने ने का अधिकार होगा । मध्यवर्ती (5)
  7. (क) ग्राम स्तर पर किसी पंचायत के का ऐसी रीति से, जो जिला क्षेत्र निर्वाचकों राज्य के विधान-मंडल दूवारा, विधि दूवारा, उपबंधित की जाए, किया जाएगा; और
  8. (ख) स्तर या जिला स्तर पर किसी पंचायत के का उसके सदस्यों द्वारा अपने मैं से किया जाएगा । किसी अध्यक्ष क्षेत्र प्रादेशिक निर्वाचन-क्षेत्रों प्रत्यक्ष निर्वाचन अध्यक्ष निर्वाचन मध्यवर्ती अध्यक्ष निर्वाचन, निर्वाचित

इसका अर्थ

ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।

यह अनुच्छेद पंचायतों की संरचना तय करता है। सारी सीटें पंचायत क्षेत्र के निर्वाचन क्षेत्रों से सीधे चुने गए सदस्यों से भरती हैं। गांव की पंचायतों के प्रधान मध्यवर्ती पंचायत में बैठ सकते हैं। मध्यवर्ती के प्रधान जिला पंचायत में। गांव स्तर पर प्रधान का चुनाव राज्य के कानून से होता है। सीटों का बंटवारा इस तरह होता है कि हर सीट लगभग बराबर आबादी ढके।

Article 243C in English