भाग 9 · पंचायत
अनुच्छेद 243ज पंचायतों दूवारा कर अधिरोपित करने की शक्तियां और उनकी निधियां
- किसी राज्य का विधान-मंडल, विधि दू्वारा,--
- (क) ऐसे कर, शुल्क, क, पथकर और फीसें उद्गृहीत, उद्गह संगृहीत संगह और विनियोजित करने के लिए किसी पंचायत को, ऐसी प्रक्रिया के अनुसार और ऐसे निर्बंधनों के अधीन रहते हुए, प्राधिकृत कर सकेगा; उद्गृहीत संगृहीत (ख) राज्य सरकार द्वारा उद्ग और संग ऐसे कर, शुल्क, पथकर शर्तों और फीसें किसी पंचायत को, ऐसे प्रयोजनों के लिए, तथा ऐसी और निर्बंधनों के अधीन रहते हुए, समनुदिष्ट कर सकेगा
- (ग) राज्य की संचित निधि में से पंचायतों के लिए ऐसे सहायता-अनुदान देने ने के लिए उपबंध कर सकेगा; और
- (घ) पंचायतों द्वारा या उनकी ओर से क्रमशः प्राप्त किए गए सभी धनों निधियों निधियों को जमा करने के लिए ऐसी का गठन करने और उन में से ऐसे धनों को निकालने के लिए भी उपबंध कर सकेगा, विनिर्दिष्ट जो विधि में किए जाएं ।
इसका अर्थ
ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।
यह अनुच्छेद पंचायतों को वित्तीय शक्तियां देता है। राज्य पंचायत को कर, टोल और फीस लगाने, वसूलने और रखने का अधिकार दे सकता है। राज्य अपने वसूले कर पंचायत को सौंप सकता है। और अपनी संचित निधि से पंचायतों को अनुदान दे सकता है। राज्य हर पंचायत के लिए निधि और उसके प्रयोग का नियम भी बना सकता है।