भाग 9 · पंचायत

अनुच्छेद 243ङ (1) प्रत्येक पंचायत, यदि तत्समय प्रव किसी विधि

  1. के अधीन पहले ही विघटित नहीं कर दी जाती है तो, अपने प्रथम अधिवेशन के लिए नियत तारीख से पांच वर्ष तक बनी रहेगी, इससे अधिक नहीं ।
  2. (2) तत्समय प्रवृत्त किसी विधि के किसी संशोधन से किसी स्तर पर ऐसी पंचायत का, जो ऐसे संशोधन के ठीक पूर्व पव कार्य र् कायर् कर रही है, तब तक विघटन नहीं होगा जब तक खंड में विनिर्दिष्ट उसकी अवधि समाप्त नहीं हो जाती ।
  3. (3) पंचायत का गठन करने के लिए किसी निर्वाचन,--
  4. (क) खंड में के पव र्; विनिर्दिष्ट उसकी अवधि की समाप्ति पूर्व
  5. (ख) उसके विघटन की तारीख से छह मास की अवधि की समाप्ति के पूर्व, पूरा जाएगा: परंतु तु जहां वह शेष अवधि, जिसके लिए कोई विघटित पंचायत बनी रहती, छह मास से कम है वहां ऐसी अवधि के लिए उस पंचायत का गठन करने के लिए इस खंड किया के अधीन कोई कराना आवश्यक नहीं होगा ।
  6. (4) पंचायत की अवधि की समाप्ति के पव र् उस पंचायत के विघटन पर गठित की गई कोई पंचायत, उस अवधि के केवल शेष भाग के लिए बनी रहेगी जिसके लिए विघटित पंचायत खंड (1) के अधीन बनी रहती, यदि वह इस प्रकार विघटित नहीं की निर्वाचन जाती ।

इसका अर्थ

ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।

यह अनुच्छेद पंचायत का कार्यकाल पांच वर्ष तय करता है। पहले भंग होने पर भी पंचायत अपनी मूल अवधि से आगे नहीं जाती। अवधि खत्म होने से पहले चुनाव पूरा होना चाहिए। पंचायत भंग हो, तो छह माह में चुनाव होता है। फिर बनी पंचायत बस बची अवधि चलाती है। कानून का संशोधन जल्दी भंग करवा नहीं सकता।

Article 243E in English