भाग 9 · पंचायत
अनुच्छेद 243छ पंचायतों की शक्तियां, प्राधिकार और उत्तरदायित्व
- संविधान के उपबंधों के अधीन रहते हुए, किसी राज्य का विधान-मंडल, विधि द्वारा, पंचायतों को ऐसी शक्तियां और प्रदान कर सकेगा, जो उन्हें स्वायत्त शासन की संस्थाओं के रूप में कार्य करने में समर्थ बनाने के लिए आवश्यक हों और ऐसी विधि में पंचायतों को उपयुक्त स्तर पर, ऐसी शर्तों के अधीन रहते हुए, जो उसमें विनिर्दिष्ट की जाएं, निम्नलिखित के संबंध में शक्तियां और उत्तरदायित्व न्यागत करने के लिए उपबंध किए जा सकेंगे, अर्थात्:-- अथार्त ्:—
- (क) विकास और सामाजिक न्याय के लिए योजनाएं तैयार करना; आर्थिक (ख) विकास और सामाजिक न्याय की ऐसी स्कीमों को, जो उन्हें सौंपी जाएं, जिनके अंतर्गत वे स्कीमें भी हैं, जो ग्यारहवीं अनस आर्थिक में च अनुसूची सूचीबदूध सच विषयों कार्यान्वित के संबंध में हैं, करना ।
इसका अर्थ
ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।
यह अनुच्छेद पंचायतों का उद्देश्य देता है। राज्य कानून से पंचायतों को स्वशासन संस्थाओं के रूप में काम करने की जरूरी शक्तियां और अधिकार दे सकता है। कानून आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय की योजनाओं की रचना और क्रियान्वयन का प्रबंध कर सकता है। ग्यारहवीं अनुसूची के उन्नीस विषय इसी शक्ति का क्षेत्र हैं। गांव की योजनाएं जिला योजनाओं में मिल सकती हैं।