भाग 11 · संघ और राज्यों के बीच संबंध
अनुच्छेद 246क माल और सेवा कर के संबंध में विशेष उपबंध— (1) अनुच्छे द 246
- और अनुच्छेद द 254 में किसी बात के होते हए भी, संसद् को, और खंड (2) के अधीन अनच्छेद रहते हुए प्रत्येक राज्य के विधान-मंडल को, संघ द्वारा या उस राज्य दवारा अधिरोपित माल और सेवा कर के संबंध में विधियां बनाने की शक्ति होगी । संविधान के भाग क या भाग ख में शब्दों और का लोप किया गया । विनिर्दिष्ट” अक्षरों 2. (सातवां संशोधन) अधिनियम, 1956 की धारा 29 और अनुसूची द्वारा (1-11-1956 से) “पहली अनुसूची संविधान के भाग क या भाग ख में” शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित । । संविधान (2) जहां माल का या सेवाओं का अथवा दोनों का प्रदाय अन्तरराज्यिक व्यापार या वाणिज्य के अनुक्रम में होता है वहां संसद् को, माल और सेवा कर के संबंध में विधियां बनाने की अनन्य शक्ति प्राप्त है ।
- व्याख्या।स्पष्टीकरण इस अनच्छेद द के उपबंध, अन॒च्छेद द 279क के खंड (5) में -- निर्दिष्ट माल और सेवा कर के संबंध मैं, माल और सेवा कर परिषद् दवारा सिफारिश की गई तारीख से प्रभावी होंगे । । । कछ कुछ स्थापना का उपबंध करने की संसद की शक्ति-- इस अध्याय मैं किसी बात के होते हए भी, संसद् अपने द्वारा बनाई गई के अतिरिक्त न्यायालयों की या किसी विद्यमान विधि के, जो संघ सूची मैं प्रगणित विषय के संबंध में है, अधिक अच्छे
इसका अर्थ
ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।
यह अनुच्छेद माल और सेवा कर पर साझा शक्ति बनाता है। संसद और हर राज्य विधान-मंडल जीएसटी पर कानून बना सकते हैं। राज्यों के बीच माल और सेवा की आपूर्ति पर केवल संसद की शक्ति है। यह साझा क्षेत्र एक सौ पहले संशोधन से 2016 में जुड़ा। यह अनुच्छेद 279क के जीएसटी परिषद के साथ चलता है।