भाग 11 · संघ और राज्यों के बीच संबंध

अनुच्छेद 255 और पूर्व मंजूरी के बारे में को केवल प्रक्रिया के विषय

  1. मानना— -- संसद् के या 1*** किसी राज्य के विधान-मंडल के किसी अधिनियम को— सिफारिशों अपेक्षाओं यदि के भाग क या भाग ख में शब्दों और का लोप किया गया । विनिर्दिष्ट” अक्षरों (क) जहां राज्यपाल की सिफारिश अपेक्षित थी वहां राज्यपात्र राज्यपाल या राष्ट्रपति ने
  2. (ख) जहां राजप्रमुख की सिफारिश अपेक्षित थी वहां राजप्रमुख या राष्ट्रपति ने
  3. (ग) जहां राष्ट्रपति की सिफारिश या पूर्व मंजूरी अपेक्षित थी वहां राष्ट्रपति ने, अनुमति दे दी है तो ऐसा अधिनियम और ऐसे अधिनियम का कोई उपबंध केवल इस कारण अविधिमान्य नहीं होगा कि इस संविधान दूवारा अपेक्षित कोई सिफारिश नहीं की गई थी या पूर्व मंजूरी नहीं दी गई थी । अध्याय अध्याय 2– प्रशासनिक संबंध साधारण

इसका अर्थ

ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।

यह अनुच्छेद कानूनों को प्रक्रियागत खामियों से बचाता है। कोई अधिनियम इसलिए अमान्य नहीं होता कि जरूरी सिफारिश या अनुमति नहीं दी गई। यह शर्त केवल प्रक्रिया से जुड़ी होनी चाहिए। कानून बन जाने के बाद यह अनुच्छेद औपचारिकता को सार नहीं तोड़ने देता।

Article 255 in English