भाग 16 · कुछ वर्गों के संबंध में विशेष उपबंध

अनुच्छेद 332 सभाओं में अनु सू (खख) और अनु प्रभावी अनुसूचित जनजातियों

  1. आरक्षित सू राजधानी राज् के लिए का (1) 2*** के लिए न. सभाके संविधान अंतःस्थापित अनु सू के और असम के स्वशासी की अनु सू जाएंगे । अनुसूची द्वारा “पहली अनुसूची को छोड़कर अन्य अनु सू के लिए स्थान गे । विनिर्दिष्ट” शब्दों अक्षरों (2) असम राज्य की विधान सभा में स्वशासी के लिए संविधान (इक्यावनवें शब्दों रा प्रतिस्थापित गे । द्वारा भरे जाने वाले स्थान कुल संख् (3) खं ड (1) के अधीन किसी राज्य की विधान सभा (िजसक में अं तगर् संविधान (सत्तावनवां अंतःस्थापित ।.. अनु अनस चत या संविधान से स प्रतिस्थापित । अनु सू के लिए की कायाअनु भीपात, उस विधान सभा में की है), ऐसी कुल संख्या से यथाशक्य वही होगा जो, उस । अनु सू अथवा उस राज्य की या उस राज्य (ग) के भाग की अनु (छा अनुच्छे की, 324 सू से अनुच्छे द संबंध में स्थान इस हैं, जनसंख्या का अनु पात उस राजधानी राजधानी राज्य कुल जनसंख्या से है । 4 संब् ं 5ध 2026
  2. (3क) खंड ड (3) मैं किसी बात के होते हुए ए भी, सन 2026 वैसे लागू गई ् जैगईसे वे, र जनगणना के आधार पर, अरुणाचल श, मे के सं और बंध होते तथा अ सभाओं में की संख्या के, अनु द 170 के अधीन, डल” पुकेन श केके बारे य होने तक, जो स्थान ऐसे किसी राज्य की विधान सभा में अनु सू के लिए किए जाएंगे, वे— चना (1-2-1992 16-4-2026 त से अंत। (एक सो से) (1-11-1956 संशोधन) 2023 अनु सू ची के भाग क या भाग ख में और का लोप किया गया । । जि(भारत का संविधान शि वर्गों (क) यदि संविधान (सत्तावनवां संशोधन) अधिनियम, 1987 के प्रवत्त होने की तारीख को ऐसे राज्य की विद्यमान विधान सभा में (जिसे इस खंड में इसके पश्चात विद्यमान ् विधान सभा कहा गया है) सभी स्थान अनसूचित के सदस्यों दूवारा धारित हैं तो, एक स्थान को छोड़कर सभी स्थान होंगे; और
  3. (ख) किसी, अन्य दशा में, उतने स्थान होंगे, संख्या का अनपात, जिनकी स्थानों की कल संख्या के उस अनुपात से कम नहीं होगा जो विद्यमान विधान सभा में अनेसूचित जनजातियों के सदस्यों की (उक्त तारीख को येथाविद्यमान) संख्या का अनुपात विद्यमान विधान सभा में स्थानों की कल संख्या से हैं ।
  4. (3ख) खंड (3) में किसी बात के होते हए भी, सन धू2026 2026 के पश्चात की गई पहली जनगणना के आधार पर, त्रिपरा राज्य की विधान सभा मैं स्थानों की संख्या के, अनच्छेद द 170 के अधीन, पनःसमायौजन के प्रभावी होने तक, जो स्थान उस विधान सभी में अनसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित किए जाएंगे वे उतने स्थान होंगे जिनकी संख्या का अनुपात, स्थानों की कल संख्या के उस अनपात से कम नहीं होगा जो विद्यमान विधान सक्षी सभा में अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों की, संविधान (बहत्तरवां संशॉधन) अधिनियम, 1992 के प्रवत्त प्रव होने की तारीख को यथाविद्यमान संख्या का अनुपात उक्त तारीख को उस विधान सभा में स्थानों की कल संख्या से है ।
  5. (4) असम राज्य की विधान सभा में किसी. स्वशासी जिले के लिए आरक्षित स्थानों की संख्या का अनपात, उस विधान सभा में स्थानों की कल संख्या के उस अनपात से कम नहीं होगा जो उस जिले की जनसंख्या का अनुपात उस राज्य की कल जनसंख्या से है ।
  6. (5) 3*** असम के किसी स्वशासी जिले के लिए स्थानों के में उस जिले के बाहर का कोई समाविष्ट नहीं होगा । लि आरक्षित निर्वाचन+क्षेत्रों (6) कोई व्यक्ति जो असम राज्य के किसी स्वशासी जिले की क्षेत्र जनजाति का सदस्य नहीं है, उस राज्य की विधान सभा के लिए 3*** उस जिले के किसी से होने का पात्र नहीं होगा: अनसचित परं तु असम राज्य की विधान सभा के के लिए, बोडोलैंड प्रादे निर्वाचन-क्षेत्र निर्वाचित और परंत निर्वाचनों प्रादेशिक परिषद् क्षेत्र जिला में सम्मिलित निर्वाचन-क्षेत्रों में अनसूचित जनजातियों भ. संविधान संशोधन) अधिनियम, 1992 की धारा 2 दूवारा (5-12-1992 से) अंतःस्थापित ।.. । प्रतिस्थापित । लोप किया गया । संविधान 4. (नब्बेवां संशोधन) अधिनियम, 2003 की धारा 2 द्वारा (28-9-2003 से) अंतःस्थापित । जि पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम, संविधान (जे दि 1991 के प्रारं भ से स वर्गों (िजसे इस भाग इसके पश्चात ् जाएगा और अनुच्छे द 239 192 गैर-अनसूचित जनजातियों प्रकार अधिसूचित किया के अधीन बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र जिला राज्यपाल होगा । आरक्षण (भाग 6--कछ के संबंध में विशेष उपबंध) आरक्षित (2)
  7. (क) राजधानी का प्रतिनिधित्व, जो उस अनुच्छेद आरक्षित स्थानों की गया स्थान था और राजधानी राज् संबंधित महिलाओं आरक्षित प्रादे के गठन से पूर्व विद्यमान था, बनाए रखा जाएगा । द्वारा चुने हुए से भरे जाए प्रत्यक्षनिर्वाचन 1 की कल अनसूचित

इसका अर्थ

ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।

यह अनुच्छेद राज्य विधान सभाओं में अनुसूचित जातियों और जनजातियों के लिए सीटें आरक्षित करता है। आरक्षण राज्य में आबादी के अनुपात के अनुसार है। असम के स्वायत्त जिलों की जनजातियों की अपनी व्यवस्था है। यह प्रारूप अनुच्छेद 330 का राज्य स्तर रूप है।

Article 332 in English