भाग 16 · कुछ वर्गों के संबंध में विशेष उपबंध

अनुच्छेद 338ख के लिए राष्ट्रीय आयोग— (1) सामाजिक और

  1. से के लिए एक आयोग होगा जो राष्ट्रीय वर्ग आयोग के नाम से होगा ।
  2. (2) संसद् दवारा इस बनाई गई किसी विधि के उपबंधों के अधीन रहते महत्त्वपूर्ण हुए, आयोग एक और तीन अन्य सदस्यों से मिलकर बनेगा और इस प्रकार नियुक्त किए गए और अन्य सदस्यों की सेवा की और पिछड़े वर्गों शैक्षिक पदावधि ऐसी होंगी, जो राष्ट्रपति, नियम द्वारा अवधारित करे । इृष्टि पिछड़े वर्गों पिछड़ा (3) अपने और मुद्रा सहित अधिपत्र दवारा आयोग के ज्ञात और अन्य सदस्यों को त करे गा ।
  3. (4) आयोग को अपनी प्रक्रिया स्वयं करने की शक्ति होगी । निमित्त (5) आयोग का यह कर्तव्य होगा कि वह,—
  4. (क) सामाजिक और दृष्टि से के लिए इस संविधान या अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तत्समय प्रव अन्य विधि या सरकार के किसी आदेश श के अधीन उपबंधित अध्यक्ष, उपाध्यक्ष शर्तें से संबंधित सभी विषयों का अन्वेषण करे और उन पर निगरानी रखे तथा ऐसे के कार्यकरण का मूल्यांकन करे
  5. (ख) सामाजिक और से को उनके अधिकारों राष्ट्रपति, हस्ताक्षर अध्यक्ष, और से वंचित करने के संबंध में शिकायतों की जांच करे; उपाध्यक्ष नियुक्त करेगा ।
  6. (ग) सामाजिक और से के विकास के संबंध में भाग ले और उन पर सलाह दे तथा संघ और किसी राज्य के विनियमित अधीन उनके विकास की प्रगति का मूल्यांकन करे; शैक्षिक पिछड़े वर्गों अंतःस्थापित । प्रवृत्त किसी रक्षोपायों रक्षोपायों शैक्षिक इृष्टि पिछड़े वर्गों रक्षोपायों विनिर्दिष्ट शैक्षिक इृष्टि पिछड़े वर्गों सामाजिक-आर्थिक संविधान वर्गों रक्षोपायों प्रतिवर्ष (घ) उन के कार्यकरण के बारे में और ऐसे अन्य समयों रिपोर्ट पर, जो आयोग ठीक समझे, राष्ट्रपति को प्रस्तत करे; रिपोर्टों रक्षोपायों (ड) ऐसी में उन उपायों के बारे में, जो उन के प्रभावपूर्ण कार्यान्वयन कायार्न्वयन के लिए संघ या किसी राज्य दूवारा किए जाने चाहिए तथा सामाजिक शैक्षिक इष्टि पिछड़े वर्गों संरक्षण, सामाजिक-आर्थिक और से के कल्याण और विकास के लिए अन्य उपायों के बारे में सिफारिश करे; और शैक्षिक पिछड़े वर्गों संरक्षण,
  7. (च) सामाजिक और दृष्टि से के कल्याण और विकास तथा उन्नयन के संबंध में ऐसे अन्य कत्यों का निर्वहन करे, जो राष्ट्रपति, संसद् दवारा बनाई गई किसी विधि के उंपबंधों के अधीन रहते हुए, विनिर्दिष्ट नियम द्वारा करे । राष्ट्रपति, रिपोर्टों समक्ष (6) ऐसी सभी को संसद् के प्रत्येक सदन के रखवाएगा सिफारिशों और उनके साथ संघ से संबंधित पर कीं गई या किए जाने के लिए प्रस्थापित कार्रवाई तथा यदि कोई ऐसी सिफारिश अस्वीकत की गई है तो अस्वीकृति के कारणों को ज्ञापन स्पष्ट करने वाला भी होगा ।
  8. (7) जहां कोई ऐसी रिपोर्ट या उसका कोई भाग, किसी ऐसे विषय से संबंधित है, जिसका राज्य सरकार से संबंध है, तो ऐसी रिपोर्ट की एक प्रति उस राज्य सरकार को भेजी जाएगी, जो उसे राज्य के विधान-मंडल के समक्ष रखवाएगी और उसके साथ राज्य से संबंधित सिफारिशों पर की गई या किए जाने के लिए प्रस्थापित कार्रवाई तथा यदि कोई ऐसी सिफारिश अस्वीकृत की गई है तो अस्वीकृति के कारणों को स्पष्ट करने वाला ज्ञापन भी होगा ।
  9. (8) आयोग को, खंड (5) के उपखंड (क) में किसी विषय का अन्वेषण निर्दिष्ट करते समय या उपखंड (ख) में किसी परिवाद के बारे में जांच करते समय, निर्दिष्ट विशिष्टतया विषयों के संबंध में, वे सभी शक्तियां होंगी, जो वाद का निम्नलिखित विचारण करते समय सिविल न्यायालय को हैं, अथार्त -- अर्थात्:
  10. (क) भारत के किसी भी भाग से किसी व्यक्ति को समन करना और हाजिर कराना तथा शपथ पर उसकी करना
  11. (ख) किसी दस्तावेज को प्रकट और पेश करने की करना; परीक्षा (ग) शपथपत्रों पर ग्रहण करना
  12. (घ) किसी न्यायालय या कायार्लय से किसी लोक अभिलेख या उसकी प्रति अपेक्षा की करना
  13. (ड) और दस्तावेजों की के लिए कमीशन निकालना; साक्ष्य (च) कोई अन्य विषय, जो राष्ट्रपति, नियम दूवारा अवधारित करे ।
  14. (9) संघ और प्रत्येक राज्य सरकार, सामाजिक और से कार्यालय को प्रभावित करने वाले सभी महत्वपूर्ण नीतिगत विषयों पर आयोग से परामर्श करेगी गी: अध्यपेक्षा साक्षियों परीक्षा शैक्षिक इृष्टि पिछड़े वर्गों वर्गों "परंतु तु इस खंड की कोई बात अनुच्छेद द 342क के खंड (3) के प्रयोजनों के लिए लागू नहीं होगी । अनसूचित

इसका अर्थ

ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।

यह अनुच्छेद पिछड़े वर्गों के लिए राष्ट्रीय आयोग बनाता है। यह सौ दूसरे संशोधन से 2018 में जुड़ा। यह पिछड़े वर्ग सूचियों में शामिल होने की मांगों की जांच करता है। अधिक या कम शामिल होने की शिकायतें सुनता है। हर राज्य की सूचियां अनुच्छेद 342क से अधिसूचित हैं।

Article 338B in English