भाग 16 · कुछ वर्गों के संबंध में विशेष उपबंध
अनुच्छेद 342 (1) राज्य 4 3[या संघ 37 समुदायों
- विनिर्दिष्ट जिन्हें थुयथास्थिति, संसदू विधि के संबंध में और जहां वह 5*** राज्य है वहां उसके राज्यपाल 1*** से परामर्श करने के पश्चात ् लोक अधिसूचना.” 6 द्वारा, उन जनजातियों या जनजाति विनिर्दिष्ट सम्मिलित 39 अपवर्जित परिवर्तन संविधान अथवा जनजातियों या जनजाति समुदायों के भागों या उनमें के यूथों को कर सकेगा, इस संविधान के प्रयोजनों के लिए, उस संविधान (अनुसूचित जातियां) आदेश, राज्य या संघ राज्यक्षेत्र । के संबंध में अनसूचित जनजातियां समझा जाएगा ।
- (2) संसद्, द्वारा, किसी जनजाति या जनजाति समदाय को अथवा किसी जनजाति या जनजाति समुदाय के भाग या उसमें के यूथ को खंड (1) के अधीन निकाली गई अधिसूचना में अनुसूचित जनजातियें की सूचौ में कर सकेगी या उसमें देखिए से अपविजर्त कर सकेगी, किन्त जैसा ऊपर कहा गया है उसके सिवाय उक्त खंड के अधीन निकाली गई अधिसूचना में किसी पश्चात्वर्ती अधिसूचना दूवारा नहीं किया जाएगा । शब्दों का लोप किया गया । 1951 (सं.आ. 32), संविधान (जम्मू-कश्मीर) अनुसूचित जातियां आदेश, श, 1956 (सं.आ. 52), संविधान (दादरा और संविधान नागर हवेली) अनुसूचित जातियां आदेश, श, 1962 (सं.आ. 64). संविधान (पांडिचेरी) अनुसूचित जातियां आदेश, श, अक्षरों 1964 (सं.आ. 68), संविधान (गोवा, दमण और दीव) अनुसूचित जातियां आदेश, श, 1968 (सं.आ. 81) और संविधान (सिक्किम) अनुसूचित जातियां आदेश, श, 1978 (सं.आ. 110) दे । संविधान (अनुसूचित जनजातियां) आदेश, राजप्रमुख से परामर्श करने के पश्चात ्” के स्थान पर प्रतिस्थापित । । (उत्तर आदेश, और का लोप किया. गया । देखिए । आदेश, श, 1951 (सं.आ. 33), संविधान (अंडमान और निकोबार द्वीप) (अनुसूचित जनजातियां) आदेश, श, 1959 (सं.आ. 58), संविधान (दादरा और नागर हवेली) (अनुसूचित जनजातियां) आदेश, श, 1962 (सं.आ. 65), संविधान (अनुसूचित जनजातियां) प्रदेश) श) आदे श, 1967 (सं.आ. 78), संविधान (गोवा, दमण और दीव) अनुसूचित जनजातियां आदेश, श, 1968 (सं.आ. 82), संविधान (नागालैंड) अनुसूचित जनजातियां आदेश, श, 1970 (सं.आ. 88) और संविधान (सिक्किम) अनुसूचित जनजातियां आदेश, श, 1978 (सं.आ. 111) दे । वर्गों 1 शैक्षिक पिछड़े
इसका अर्थ
ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।
यह अनुच्छेद अनुसूचित जनजातियों की परिभाषा देता है। राष्ट्रपति हर राज्य या संघ राज्यक्षेत्र के लिए जनजातियां अधिसूचित कर सकते हैं। संसद कानून से किसी जनजाति को जोड़ या हटा सकती है। यह अनुच्छेद 341 जैसा ही प्रारूप है, जनजातियों के लिए। अधिसूचित सूची ही लागू होती है।