भाग 16 · कुछ वर्गों के संबंध में विशेष उपबंध

अनुच्छेद 335 से वाओं और पदों के लिए अनु सू औरया अनु

  1. भी स है), ज दावे— संघ या किसी राज्य के कार्यकलाप से संबंधित से वाओं और पदों के लिए के जाएंगे । करने मैं, अनु सू और अनु सू के के दावों (ग) अनच् छे द 324 से अनच् छे द 3 का की बनाए रखने की संगति के अनु सार रखा जाएगा: राजधानी राजधानी राज्य संबंध वैसे लागू जैसे वे, र (25-1-2020 से) “सत्तर ” के होते के सं लाग तथा अन पर । संविधान (पचानवेंवां संशोधन) अधिनियम, 2009 की धारा 2 द्वारा (25-1-2010 से) “साठ वर्ष” के श के बारे यह के । संविधान (उनासीवां संशोधन) अधिनियम, 2004 की धारा 2 द्वारा (25-1- 2000 से) “पचास वर्ष” के स्थान पर “साठ वर्ष” शब्द । (बासठवां संशोधन) अधिनियम, 1989 की धारा 2 द्वारा (20-12-1989 से) “चालीस वर्ष” के स्थान पर “पाचस वर्ष” शब्द । संविधान (पैंतालीसवां संशोधन) अधिनियम, 1980 की धारा 2 द्वारा (25-1-1980) “तीस वर्ष” मूल ल के स्थान पर “चालीस वर्ष” शब्द किए गए थे । 1. (उनहतरवां संशोधन) 1991 ध (1-2-1992 16-4-2026 अंत से) अं।त । वर्गों परन्त 1 अनच्छेद अनसूचित जातियों अनसूचित परन्तु इस अनच् की. छे द कोई बात अनस चत और अनस जनजातियों चत पक्ष के सदस्यों के में, संघ या किसी राज्य के कार्यकलाप से संबंधित सेवाओं वर्गों आरक्षण के किसी वर्ग या में या पदों पर प्रोन्नति के मामलों में के लिए, किसी परीक्षा में अहक अंकों में छूट देने ने या मूल्यांकन के मानकों को घटाने के लिए उपबंध करने से निवारित नहीं करेगी ।

इसका अर्थ

ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।

यह अनुच्छेद सेवाओं में आरक्षण और दक्षता का संतुलन रखता है। अनुसूचित जातियों और जनजातियों के दावों को प्रशासन की दक्षता के साथ तौला जाता है। बयासीवें संशोधन ने जोड़ा कि छूट अंक पदोन्नति में रोक नहीं बनते। सामाजिक न्याय और प्रशासन का पुल यहीं खिंचता है।

Article 335 in English