भाग 16 · कुछ वर्गों के संबंध में विशेष उपबंध
अनुच्छेद 341 (1) राष्ट्रपति, “किसी राज्य 5[या संघ
- राज्यक्षेत्र के संबंध में और जहां वह 2 राष्ट्रपति, *** राज्य है वहां उसके ज्ञापन समक्ष अनुसूचित जातियां के भाग क और भाग ख में शब्दों और का लोप किया गया । राज्य” के स्थान पर प्रतिस्थापित । । संविधान 4. (पहला संशोधन) अधिनियम, 1951 की धारा 10 द्वारा (18-6-1951 से) “राज्य के राज्यपाल या राजप्रमुख से परामर्श करने के पश्चात ्” के स्थान पर प्रतिस्थापित । संविधान 5. संविधान (सातवां संशोधन) अधिनियम, 1956 की धारा 29 और अनुसूची द्वारा (1-11-1956 से) अंतःस्थापित । । विनिर्दिष्ट” अक्षरों संविधान संविधान वर्गों राज्यपाल 1*** से परामर्श करने के पश्चात ् लोक अधिसूचना” 2 द्वारा, उन जातियों मूलवंशों 35 विनिर्दिष्ट जिन्हें * यथास्थिति संसद, विधि या जनजातियों, अथवा जातियों, मूलवंशों या जनजातियों के भागों या उनमें के यूथों को कर सकेगा, इस संविधान के प्रयोजनों के लिए विनिर्दिष्ट सम्मिलित उस राज्य थृया संघ राज्यक्षेत्र के संबंध में अनसूचित जातियां समझा जाएगा । अप॑वर्जित (2) संसद्, द्वारा, किसी जाति, मूलवंश या जनजाति को अथवा जाति पश्चातवर्ती परिवर्तन मूलवंश या जनजाति के भाग या उसमें के यूथ को खंड (1) के अधीन निकाली गई अधिसूचना में अनसूचित जातियों की सूची में कर सकेगी या उसमें से अपविजर्त कर सकेगी, किन्त जैसा ऊपर कहा गया है उसके सिवाय उक्त खंड के अनुसूचित जनजातियां राष्ट्रपति, “किसी थृया अधीन निकाली गई अधिसूचना में किसी अधिसूचना द्वारा नहीं राज्यक्षेत्र किया जाएगा । दूवारा,
इसका अर्थ
ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।
यह अनुच्छेद अनुसूचित जातियों की परिभाषा देता है। राज्यपाल से परामर्श कर राष्ट्रपति जन अधिसूचना से बता सकते हैं कि कौन सी जातियां, कुल या जनजातियां किसी राज्य या संघ राज्यक्षेत्र में अनुसूचित जातियां मानी जाएं। संसद कानून से किसी जाति को जोड़ या हटा सकती है। अधिसूचित सूची ही लागू होती है।