भाग 16 · कुछ वर्गों के संबंध में विशेष उपबंध
अनुच्छेद 334क के के का राज्यपाल
- होना— होगा(1) अनुच्छेद अनुच्छेद अनुच्छेद के । इस भाग या सभा और दिल्ली राष्ट्रीय भाग 8 के पू व उपबंधो में ट बात के होते हुए ए भी, लोक सभा, किसी राज्यक्षेत्र लिए आरक्षित स्थानों (2)
- (क) राजधानी तारीख आरक्षित सभा और राजधानी की विधान सभा में महिलाओं के लिए के से संबंधित संविधान उपबंध, सं दिल्ली राष्ट्रीय राज्यक्षेत्र की विधान आरक्षित स्थानों चक्रानुक्रम, (एकराजधानी राज् प्रत्येक पश्चात्वर्ती परिसीमन कार्य प्रभावी सौ छठवां संशोधन) अधिनियम, 2023 के के न द्वारा विधि द्वारा अवधारित करें । हुए जनगणना अनुच्छेद विधान सभा दिल्ली के से भरे जाए राष्ट्रीय राज्यक्षेत्र प्रतिनिधित्व उपबंध, संविधान के सु संगत को किए जाने के पश्चात होंगे प्रभावित विद्यमान किसी राज्य की (ख) सभा कुल विधान दिल्ली राष्ट्रीय राज्यक्षेत्र की विधान सभा का विघटन नहीं तथा इसके ऐसे भ से वर्ष की अवधि का अवसान होने पर नहीं गे।
- (2) अनु द 239कक, अनु द 330क और अनु 332क के सेवाओं अनुसूचित जातियों और सूचित जनजातियों के द ख्या,के -- सेवाओ 332क उपबंधो केराजधानी राज्य नियुक्तियां अनुसूचित जातियों अनुसूचित जनजातियों सदस्यों अधीन रहते हुए; ए, लोक सभा, किसी राज्य की विधान (िजसके प्रशासन दक्षता अनुसार ध्यान सभाअंतगर् औरत ऐसे न. आधार ह संविधान दूवारा वर्ष” स्थान राजधानी की विधान सभा मैं महिलाओं के सभी अन्य प्रतिस्थापित स्थान “सत्तर वर्ष” प्रतिस्थापित का, उस संसद् द्व प्रतिस्थापित संविधान का प्रतिस्थापित तक, जो संसद, विधि द्वारा, अवधारित करें, रहना जारी रहे गा । शब्दों (3) लोक सभा, किसी राज्य की विधान सभा और प्रतिस्थापित राजधानी संविधान अंतःस्थापित (खक) राजधानी रा सभा में महिलाओं के लिए स्थान जाएं का गे के पश्चात उस रूप में होगा, जैसा संसद् (खख) राजधानी राज् ।
- (4) इस अनु की द कोई बात, किसी राज्य की या यथाशक्य राजधानी की विधान सभा मैं किसी को जाएंको गे । तब तक नहीं करेगी, गी, जब तक की उस समय लोक सभा, राज् सभा या राजधानी जानेकावाले कुल संख् हो जाता है । (िजसके अंतगर्त से संब
इसका अर्थ
ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।
यह अनुच्छेद छियासवें संशोधन के स्त्री आरक्षण के लागू होने का नियम रखता है। आरक्षण लोक सभा, राज्य विधान सभाओं और दिल्ली की सभा पर है। यह इसी उद्देश्य से हुए परिसीमन के बाद लागू होगा, संबंधित जनगणना के आंकड़ों के आधार पर। आरक्षित सीटें संसद कानून से तय तारीख तक चलेंगी। हर अगले परिसीमन के बाद सीटें बदलेंगी। तब तक मौजूदा प्रतिनिधित्व अबाधित रहता है।