भाग 21 · [अस्थायी, संक्रमणकालीन और विशेष उपबंध]
अनुच्छेद 371छ मिजोरम राज्य के संबंध में विशेष उपबंध— इस संविधान मैं किसी
- बात के होते हुए भी,––
- (क) के संबंध मैं संसद् का कोई अधिनियम मिजोरम राज्य निम्नलिखित को तब तक लागू नहीं होगा जब तक मिजोरम राज्य की विधान सभा संकल्प दूवारा ऐसा विनिश्चय नहीं करती है, अथार्त ्:— अर्थात्:-- (i) या सामाजिक प्रथाएं; (ii) मिजो विधि और प्रक्रिया; मिजो लोगों की धार्मिक (iii) सिविल और दांडिक न्याय प्रशासन, जहां विनिश्चय मिजो विधि के अनसु होने हैं; रूढ़िजन्य (ए भूमि का स्वामित्व और अंतरण: परंतु तु इस खंड की कोई बात, संविधान (तिरपनवां संशोधन) अधिनियम, 1986 के प्रारंभ भ से ठीक पहले मिजोरम संघ राज्यक्षेत्र में प्रव रूढ़िजन्य अनुसार को लागू नहीं होगी
- (ख) मिजोरम राज्य की विधान सभा कम से कम चालीस सदस्यों से मिलकर बनेगी ।
इसका अर्थ
ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।
यह अनुच्छेद मिजोरम को विशेष उपबंध देता है। धार्मिक या सामाजिक प्रथाओं, पारंपरिक कानून या भूमि स्वामित्व पर संसद का कोई अधिनियम तब तक लागू नहीं होता, जब तक सभा उसे मांग न ले। जिला परिषदों के लिए राज्यपाल की विशेष भूमिका है। यह प्रारूप नागालैंड के अनुच्छेद 371क जैसा है।