भाग 21 · [अस्थायी, संक्रमणकालीन और विशेष उपबंध]

अनुच्छेद 377 भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक के बारे में उपबंध— इस संविधान के

  1. प्रारंभ भ से ठीक पहले पद धारण करने वाला भारत का यदि वह अन्यथा न कर चुका हो तो, ऐसे प्रारंभ भ पर भारत का नियंत्रक-महालेखापरीक्षक हो जाएगा और तब ऐसे वेतनों तथा अनुपस्थिति छुट्टी और पेंशन के संबंध में ऐसे महालेखापरीक्षक, अधिकारों का हकदार होगा जो भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक के संबंध में अनच् छे द निर्वाचन 148 के खंड (3) के अधीन उपबंधित है और अपनी उस पदावधि की समाप्ति तक पद धारण करने का हकदार होगा जो ऐसे प्रारंभ भ से ठीक पहले उसे लागू होने वाले उपबंधों के अनुच्छेद अधीन अवधारित की जाए । संविधान

इसका अर्थ

ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।

यह अनुच्छेद पुराने महालेखा परीक्षक को नए पद पर ले गया। भारत का महालेखा परीक्षक उन्हीं सेवा शर्तों पर भारत का नियंत्रक और महालेखा परीक्षक बन गया। सार्वजनिक लेखों का काम 1950 के बदलाव में बिना अंतराल चलता रहा।

Article 377 in English