भाग 21 · [अस्थायी, संक्रमणकालीन और विशेष उपबंध]
अनुच्छेद 375 संविधान के उपबंधों के अधीन रहते हुए न्यायालयों, प्राधिकारियों और अधिकारियों
- का कृत्य करते रहना— भारत के राज्यक्षेत्र में सर्वत्र सिविल, दांडिक और राजस्व अधिकारिता वाले सभी न्यायालय और सभी न्यायिक, कार्यपालक और अनुसचिवीय प्राधिकारी अनसु और अधिकारी अपने-अपने कृत्यों को, इस संविधान के उपबंधों के रहेंगे । अधीन रहते हुए, करते गे ।
इसका अर्थ
ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।
यह अनुच्छेद अदालतों और अधिकारियों को काम पर बनाए रखता है। दीवानी, फौजदारी और राजस्व क्षेत्राधिकार की सारी अदालतें संविधान के तहत चलती रहीं। सारे प्राधिकारी और अधिकारी, न्यायिक, कार्यपालिका और मंत्रालयी, काम करते रहे। उनके कृत्य संविधान के तहत किए गए मानते हैं।