भाग 3 · मूल अधिकार

अनुच्छेद 15 धमर्, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्मस्थान के आधार पर विभेद का प्रतिषेध-()

  1. राज्य, किसी नागरिक के विरुदूध केवल धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग, जन्मस्थान या इनमें से किसी के आधार पर कोई विभेद नहीं करे गा । समक्ष (2) कोई नागरिक केवल धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग, जन्मस्थान या इनमें से किसी के समक्ष विधियों संरक्षण आधार पर— धर्म, संविधान भारत का संविधान ग सार्वजनिक सार्वजनिक (क) दुकानों, भोजनालयों, होटलों और मनोरंजन जन के स्थानों में प्रवेश; या पूर्णतः (ख) पण समर्पित सड़कों सार्वजनिक र्तः या भागतः राज्य-निधि से पोषित या साधारण जनता के प्रयोग के लिए कुओं, तालाबों, स्नानघाटों, और समागम के स्थानों के निर्योग्यता, उपयोग, स्त्रियों के संबंध में किसी भी दायित्व, निर्बन्धन या शर्त के अधीन नहीं होगा ।
  2. (3) इस अनुच्छेद की कोई बात राज्य को और बालकों के लिए कोई विशेष उपबंध करने से निवारित नहीं करे पू(4) । शैक्षिक इृष्टि सिछड़े न नागरिकों वर्गों (4) इस अनुच्छेद की या अनुच्छेद द 29 के खंड (2) की कोई बात राज्य को सामाजिक और से हुए के किन्हीं की उन्नति के लिए या अनुसूचित शैक्षिक पिछड़े वर्गों जातियों और अनुसूचित । के लिए कोई विशेष उपबंध करने से निवारित नहीं करे शू(5) । 2 निर्दिष्ट (5) इस अनुच्छेद द या अनुच्छेद द 19 के खंड (1) के उपखंड (छ) की कोई बात राज्य को शिक्षा शिक्षा शिक्षा सामाजिक और दृष्टि से हुए नागरिकों के किन्हीं की उन्नति के लिए या अनुसूचित जातियों या अनुसूचित जनजातियों के लिए, विधि द्वारा, कोई विशेष उपबंध करने से निवारित नहीं करेगी, गी, जहां तक ऐसे विशेष उपबंध, अनुच्छेद द 30 के खंड में ष्ट अल्पसंख्यक संस्थाओं से भिन्न, संस्थाओं में, जिनके अंतर्गत प्राइवेट संस्थाएं भी हैं, चाहे वे राज्य से सहायता प्राप्त हों या नहीं, प्रवेश से संबंधित हैं । उल्लिखित वर्गों आर्थिक शू(6) वर्गों (6) इस अनुच्छेद द या अनुच्छेद द 19 के खंड (1) के उपखंड (छ) या अनुच्छेद द 29 के खंड (2) की कोई बात, राज्य को,— उल्लिखित वर्गों आर्थिक (क) खंड (4) और खंड (5) मैं से भिन्न नागरिकों के वर्गों रूप से दुर्बल किन्हीं की उन्नति के लिए कोई भी विशेष उपबंध करने से निवारित शैक्षणिक नहीं करेगी; गी; और निर्दिष्ट शैक्षणिक शैक्षणिक (ख) खंड (4) और खंड (5) में से भिन्न नागरिकों के आरक्षण आरक्षणों रूप से दुर्बल किन्हीं की उन्नति के लिए कोई भी विशेष उपबंध करने से वहां निवारित नहीं करेगी, गी, जहां तक ऐसे उपबंध, ऐसी संस्थाओं में, जिनके अंतर्गत अनुच्छेद द 30 के खंड में ष्ट अल्पसंख्यक संस्थाओं से भिन्न प्राइवेट संस्थाएं भी हैं, चाहे वे राज्य द्वारा सहायता पाने वाली हैं या सहायता न संविधान पाने वाली हैं, प्रवेश से संबंधित हैं, जो की दशा में विद्यमान के संविधान (तिरानवेवां अतिरिक्त तथा प्रत्येक प्रवर्ग में कुल स्थानों के अधिकतम दस प्रतिशत के अध्यधीन संविधान होंगे ।. । "आर्थिक स्पष्टीकरण-इस अनुच्छेद द और अनुच्छेद द 16 के प्रयोजनों के लिए रूप से आर्थिक दुर्बल वर्ग" वे होंगे, जो राज्य द्वारा कुट्रंब की आय और अलाभ के अन्य सूचकों के आधार पर समय-समय पर अधिसूचित किए जाएं ।

इसका अर्थ

ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।

यह अनुच्छेद धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्मस्थान के आधार पर नागरिकों से भेदभाव पर रोक लगाता है। इन आधारों पर किसी नागरिक को दुकानों, भोजनालयों, होटलों, कुओं या सार्वजनिक स्थानों से नहीं रोका जा सकता। राज्य स्त्रियों, बच्चों और पिछड़े वर्गों के लिए विशेष उपबंध बना सकता है।

Article 15 in English