भाग 3 · मूल अधिकार
अनुच्छेद 14 विधि के समता–राज्य, भारत के राज्यक्षेत्र में किसी व्यक्ति को विधि के
- किसी समता से या के समान से वंचित नहीं करे गा ।
इसका अर्थ
ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।
यह अनुच्छेद कहता है कि विधि के समक्ष हर व्यक्ति बराबर है और उसे विधि का समान संरक्षण मिलता है। एक जैसे मामलों में राज्य किसी को ऊंचा या नीचा नहीं दिखा सकता। बिना उचित कारण के असमान व्यवहार अदालतों में आम तौर पर टिकता नहीं, इसलिए यह अनुच्छेद मनमानी के खिलाफ ढाल है।