भाग 3 · मूल अधिकार

अनुच्छेद 34 जब किसी में सेना विधि प्रव है तब इस भाग द्वारा अधिकारों पर पूर्वगामी उपबंधों में किसी

  1. निर्बन्धन-इस भाग के पव र्गामी बात के होते हुए भी, संसद् विधि द्वारा संघ या किसी राज्य की सेवा मैं किसी व्यक्ति की या किसी अन्य व्यक्ति की किसी ऐसे कार्य के क्षतिपूर्ति क्षेत्र संबंध में कर सकेगी जो उसने भारत के राज्यक्षेत्र के भीतर किसी ऐसे में, जहां प्रवृत्त सेना विधि प्रव थी, व्यवस्था के बनाए रखने या पुनःस्थापन के संबंध में किया है या ऐसे क्षेत्र दंडादेश, दिए आदिष्ट मैं सेना विधि के अधीन पारित दं डादे श, गए दंड, ड, समपहरण या किए गए अन्य कार्य को विधिमान्य कर सकेगी ।

इसका अर्थ

ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।

यह अनुच्छेद सैन्य कानून के चलते समय उसके तहत काम करने वालों को उस दायरे के कृत्यों के मुकदमों से बचाता है। संसद ऐसे क्षेत्रों में व्यवस्था बहाल करने या बनाए रखने के कृत्यों के लिए संघ के अधिकारियों को सुरक्षा देने का कानून बना सकती है। यह सुरक्षा अधिकारियों और कर्मचारियों दोनों के लिए हो सकती है।

Article 34 in English