भाग 3 · मूल अधिकार
अनुच्छेद 31 का अनिवार्य अर्जन ।]-संविधान (चवालीसवां संशोधन) अधिनियम, 1978
यह अनुच्छेद अब संविधान का भाग नहीं है। यह ऐतिहासिक अभिलेख के लिए यहाँ है।
- की धारा 6 दूवारा (20-6-1979 से) निरसित । । भूकुछ विधियों 3 व्यावृत्ति । की “ 34क. व्याव विधियों व्यावृत्ति- 4 अनुच्छेद अंतर्विष्ट किसी
इसका अर्थ
ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।
यह अनुच्छेद संविधान (चवालीसवां संशोधन) अधिनियम, 1978 से लोप कर दिया गया। पहले यह संपत्ति को मूल अधिकार बनाता था। अब संपत्ति केवल अनुच्छेद 300क के तहत एक साधारण कानूनी अधिकार है। वैध कानून और उचित प्रक्रिया से राज्य सार्वजनिक प्रयोजन के लिए संपत्ति ले सकता है।