भाग 3 · मूल अधिकार

अनुच्छेद 23 मानव के दुर्व्यापार यार्पार और बलातश्रम का प्रतिषेध-() मानव का दुर्व्यापार यार्पार और बेगार

  1. तथा इसी प्रकार का अन्य बलातश्रम प्रतिषिदूध किया जाता है और इस उपबंध का कोई भी उल्लंघन अपराध होगा जो विधि के अनुसार अनस दंडनीय दं डनीय होगा ।
  2. (2) इस अनुच्छेद की कोई बात राज्य को सार्वजनिक प्रयोजनों के लिए अनिवार्य सेवा अधिरोपित करने से निवारित नहीं करे गी । ऐसी सेवा अधिरोपित करने में राज्य केवल धर्म, मूलवंश, जाति या वर्ग या इनमें से किसी के आधार पर कोई विभेद नहीं करे गा ।

इसका अर्थ

ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।

यह अनुच्छेद मानवों के व्यापार और हर रूप के बलात श्रम पर रोक लगाता है। बिना मजदूरी काम नहीं कराया जा सकता, और बंधुआ मजदूरी गैरकानूनी है। सार्वजनिक उद्देश्य के लिए राज्य अनिवार्य सेवा मांग सकता है, जैसे आपातकाल में। पर वह सेवा धर्म, जाति या वर्ग के आधार पर नहीं थोपी जा सकती।

Article 23 in English