भाग 3 · मूल अधिकार

अनुच्छेद 18 उपाधियों का अंत–(1) राज्य, सेना या विद्या संबंधी सम्मान के सिवाय और कोई

  1. उपाधि प्रदान नहीं करे गा । विदेशी (2) भारत का कोई नागरिक किसी शी राज्य से कोई उपाधि स्वीकार नहीं करे गा ।
  2. (3) कोई व्यक्ति, जो भारत का नागरिक नहीं है, राज्य के अधीन लाभ या विश्वास के विदेशी किसी पद को धारण करते हुए किसी शी राज्य से कोई उपाधि राष्ट्रपति की सहमति के बिना स्वीकार नहीं करे गा ।
  3. (4) राज्य के अधीन लाभ या विश्वास का पद धारण करने वाला कोई व्यक्ति किसी विदेशी उपलब्धि शी राज्य से या उसके अधीन किसी रूप में कोई भेंट, ट, उपलिब्ध या पद राष्ट्रपति की सहमति के बिना स्वीकार नहीं करे गा । स्वातत्रय-अधिकार वाक्-स्वातंत्य आदि विषयक संरक्षण-

इसका अर्थ

ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।

यह अनुच्छेद राज्य को उपाधियां देने या उन्हें मान्यता देने से रोकता है, और कोई नागरिक विदेशी राज्य से उपाधि नहीं ले सकता। सैन्य या शैक्षणिक विशेषता के लिए पुरस्कार मिल सकते हैं, पर उन्हें नाम के आगे उपाधि की तरह नहीं जोड़ा जा सकता। मकसद नागरिकों को बराबर रखना है।

Article 18 in English