भाग 12 · वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद
अनुच्छेद 274 ऐसे कराधान पर राज्य हितबदूध है, प्रभाव डालने वाले विधेयकों के अपेक्षा
- लिए राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश की (1) कोई विधेयक या संशोधन, जो ऐसा जिसमें परिवर्तन कर या शुल्क, राज्य हितबदूध है, अधिरोपित करता है या उसमें करता अधिनियमितियों है अथवा जो भारतीय आय-कर से संबंधित के प्रयोजनों के लिए परिवर्तन परिभाषित “कृषि-आय” पद के अर्थ में करता है अथवा जो उन सिद्धांतों को प्रभावित करता है जिनसे इस अध्याय के पूर्वगामी उपबंधों में से किसी उपबंध के अधीन राज्यों को धनराशियां वितरणीय हैं या हो सकेंगी अथवा जो संघ के प्रयोजनों के लिए वर्णित कोई ऐसा अधिभार अधिरोपित करता है जो इस अध्याय के पूर्वगामी उपबंधों में पुरःस्थापित है, संसद् के किसी सदन में राष्ट्रपति की सिफारिश पर ही परु या प्रस्तावित किया जाएगा, अन्यथा नहीं । ।
- (2) इस अनुच्छेद में, “ऐसा कर या शुल्क, जिसमें राज्य हितबदूध हैं” पद से ऐसा कोई कर या शुल्क अभिप्रेत है– -
- (क) जिसके शद् शुदूध ध आगम पूर्णतः पण र्तः या भागतः किसी राज्य को सौंप दिए जाते हैं; या (ख) जिसके शुदूध आगम के प्रति निर्देश श से भारत की संचित निधि में से किसी राज्य को राशियां तत्समय संदेय हैं ।
इसका अर्थ
ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।
यह अनुच्छेद विधेयक के चरण में राज्यों के कर हितों की रक्षा करता है। जिन करों में राज्यों की रुचि है, उन्हें बढ़ाने या बदलने वाला कोई विधेयक या संशोधन राष्ट्रपति की सिफारिश के बिना पेश नहीं हो सकता। यही तब भी, जब कृषि आय का अर्थ या कर्तव्यों का बंटवारा बदले, या राज्य की संचित निधि पर भार पड़े। जहां जीएसटी परिषद लागू हो, राष्ट्रपति उसके प्रस्ताव पर कार्य करते हैं।