भाग 12 · वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद
अनुच्छेद 291 [शासकों की निजी की राशि ।]— संविधान (छब्बीसवां संशोधन)
यह अनुच्छेद अब संविधान का भाग नहीं है। यह ऐतिहासिक अभिलेख के लिए यहाँ है।
- अधिनियम, 1971 की धारा 2 द्वारा (28-12-1971 से) लोप किया गया । अध्याय अध्याय 2– उधार लेना
इसका अर्थ
ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।
यह अनुच्छेद अब विद्यमान नहीं है। यह पुरानी रियासतों के शासकों को निजी पर्स की गारंटी देता था। छब्बीसवां संशोधन ने 1971 में इसे लोप कर दिया और विशेषाधिकार खत्म कर दिए। शासकों को ऐसे मान्यता देना भी बंद हुआ। यह उस दौर का एक बुनियादी बदलाव था।