भाग 12 · वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद

अनुच्छेद 297 सागर-खंड या महाद्वीपीय मग्नतट भूमि में स्थित मूल्यवान

  1. चीजों और अनन्य आर्थिक क्षेत्र के संपत्ति स्रोतों का संघ में निहित होना—
  2. (1) भारत के राज्यक्षेत्रीय सागर-खंड या महाद्वीपीय मग्नतट भूमि या अनन्य आर्थिक क्षेत्र मैं समुद्र के नीचे की सभी भूमि, खनिज और अन्य मूल्यवान चीजें संघ में निहित होंगी और संघ के प्रयोजनों के लिए धारण की जाएंगी ।
  3. (2) भारत के अनन्य के अन्य सभी स्रोत भी संघ मैं निहित आर्थिक क्षेत्र संपत्ति होंगे और संघ के प्रयोजनों के लिए धारण किए जाएंगे ।
  4. (3) भारत के राज्यक्षेत्रीय सागर-खंड, महाद्वीपीय मग्नतट भूमि, अनन्य और अन्य सामुद्रिक की सीमाएं वे होंगी जो संसद् द्वारा बनाई गई विधि आर्थिक दूवारा या उसके अधीन समय-समय पर की जाएं थू298. क्षेत्र क्षेत्रों 2 विनिर्दिष्ट

इसका अर्थ

ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।

यह अनुच्छेद समुद्री धन संघ को देता है। समुद्र के नीचे की भूमि, खनिज और मूल्यवान चीजें संघ की हैं। इसमें क्षेत्रीय जल, महाद्वीपीय मग्नट और क्षेत्र आते हैं। संघ उनका प्रयोग देश के सार्वजनिक हित के लिए करता है।

Article 297 in English