भाग 12 · वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद
अनुच्छेद 275 कछ राज्यों को संघ से अनद (1) ऐसी राशियां, जिनका संसद् विधि
- अनुदान दवारा उपबंध करे, उन राज्यों के राजस्वों में सहायता अनुदान के रूप में प्रत्येक वर्ष भारत की संचित निधि पर भारित होंगी जिन राज्यों के विषय मैं संसद यह अवधारित करे कि उन्हें सहायता की आवश्यकता है और भिन्न-भिन्न राज्यों के लिए भिन्न-भिन्न राशियां नियत की जा सकेंगी: परंतु तु राज्य के राजस्वों में सहायता अनुदान के रूप में भारत की संचित निधि में से ऐसी पूंजी और राशियां की जाएंगी जो उस राज्य को उन किसी विकास स्कीमों के को पूरा करने में समर्थ बनाने के लिए आवश्यक हों उस आवर्ती संदत्त राज्य मैं अनस चत के कल्याण की करने या उस राज्य में खर्चों जिन्हें अनुसूचित के प्रशासन स्तर को उस राज्य के शेष के प्रशासन स्तर तक उन्नत अनुसूचित जनजातियों अभिवृद्धि करने के प्रयोजन के लिए उस राज्य द्वारा भारत सरकार के अनुमोदन से हाथ मैं लिया क्षेत्रों क्षेत्रों जाए: परंतु तु यह और कि असम राज्य के राजस्व मैं सहायता अनद के रूप में भारत की संचित निधि में से ऐसी पूंजी और राशियां की जाएंगी— अनुदान आवर्ती संदत्त -- 2--वित्त, संपत्ति,
- (क) जो छठी अनसूची अनस च के पैरा 20 से संलग्न सारणी के भाग मैं विनिर्दिष्ट जनजाति क्षेत्रों 1 पूर्ववर्ती के प्रशासन के संबंध में इस संविधान के प्रारंभ भ से ठीक दो वर्ष के दौरान औसत व्यय राजस्व से जितना अधिक है, उसके बराबर खर्चों जिन्हें क्षेत्रों और क्षेत्रों (ख) जो उन विकास स्कीमों के के बराबर हैं उक्त के अनुमोदन प्रशासन स्तर को उस राज्य के शेष के प्रशासन स्तर तक उन्नत करने के प्रयोजन के लिए उस राज्य द्वारा भारत सरकार के अनम से हाथ में लिया जाए और से (1क) अनुच्छेद द 244क के अधीन स्वशासी राज्य के बनाए जाने की तारीख को दूसरे परंतुक और की (i) खंड (1) के दस शासी संदत्त निर्दिष्ट रे परं तक के खंड (क) के अधीन संदेय कोई राशियां क्षेत्र स्वशासी राज्य को उस दशा में की जाएंगी जब उसमें सभी जनजाति उस स्वशासी राज्य मैं समाविष्ट हों और यदि स्वशासी राज्य में क्षेत्रों उन जनजाति में से केवल कछ ही समाविष्ट हों तो वे राशियां असम राज्य और स्वशासी राज्य के बीच ऐसे प्रभाजित की जाएंगी जो राष्ट्रपति आदेश दवारा विनिर्दिष्ट करे; (ii) स्वशासी राज्य के राजस्वों में सहायता अनदान के रूप में भारत की संचित निधि में से ऐसी पूंजी और आवर्ती राशियां संदत्त की जाएंगी जो उन विकास स्कीमों के खर्चों के बराबर है जिन्हें स्वशासी राज्य के प्रशासन स्तर को शेष असम राज्य के प्रशासन स्तर तक उन्नत करने के प्रयोजन के लिए स्वशासी राज्य दूवारा भारत सरकार के अनमोदन से हाथ में लिया जाए ।
- (2) जब तक संसद खंड (1) के अधीन उपबंध नहीं करती है तब तक उस खंड के अधीन संसद को शक्तियां राष्ट्रपति दवारा, आदेश श द्वारा, प्रयोक्तव्य होंगी और प्रदत्त दवारा, राष्ट्रपति दूवारा इस खंड के अधीन किया गया कोई आदेश श संसद् द्वारा इस प्रकार किए संसद दवारा गए किसी उपबंध के अधीन रहते हए प्रभावी होगा: परंत तु आयोग का गठन किए जाने के पश्चात ् द्वारा इस खंड के अधीन कोई आदेश श आयोग की पर विचार करने के पश्चात ही वित्त राष्ट्रपति दूवारा जाएगा, अन्यथा नहीं । । वित्त सिफारिशों किया
इसका अर्थ
ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।
यह अनुच्छेद राज्यों को कानूनी अनुदान देता है। संसद कानून से सहायता के दखल की जरूरत वाले राज्यों की आय के लिए भारत की संचित निधि पर अधिरोपित राशियां दे सकती है। अलग-अलग राज्यों के लिए अलग राशि तय हो सकती है। यह अनुच्छेद अनुसूचित क्षेत्रों, अनुसूचित जनजातियों के कल्याण और अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन के लिए अनुदान भी बताता है। जनजातीय कल्याण अनुदानों का मार्गदर्शन विशेषज्ञ समिति की सिफारिशें करती हैं।