भाग 12 · वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद

अनुच्छेद 280 आयोग— (1) राष्ट्रपति, इस संविधान के प्रारंभ भ से दो वर्ष के भीतर

  1. और तत्पश्चात ् प्रत्येक पांचवें वर्ष की समाप्ति पर या ऐसे पूर्वतर समय पर, जिसे राष्ट्रपति आवश्यक समझता है, आदेश द्वारा, आयोग का गठन करेगा जो राष्ट्रपति वित्त द्वारा नियुक्त किए जाने वाले एक और चार अन्य सदस्यों से मिलकर बनेगा ।
  2. (2) संसद् विधि दूवारा, उन अहँताओं का, जो आयोग के सदस्यों के रूप में वित्त के लिए होंगी और उस रीति का, जिससे उनका चयन किया जाएगा, अध्यक्ष अवधारण कर सकेगी ।
  3. (3) आयोग का यह कर्तव्य होगा कि वह—
  4. (क) संघ और राज्यों के बीच करों के शुदूध आगमों के, जो इस अध्याय नियुक्ति अपेक्षित के अधीन उनमें किए जाने हैं या किए जाएं, वितरण के बारे में और राज्यों के बीच ऐसे आगमों के तत्संबंधी भाग के आबंटन के बारे में:
  5. (ख) भारत की संचित निधि मैं से राज्यों के राजस्व में सहायता अनुदान -- को शासित करने वाले सिद्धांतों के बारे में; (खख) राज्य के आयोग द्वारा की गई के आधार पर विभाजित राज्य में पंचायतों के संसाधनों की के लिए किसी राज्य की संचित निधि के संवर्धन के लिए आवश्यक अध्यपायों के बारे में (ग) राज्य के आयोग द्वारा की गई के आधार पर राज्य में वित्त सिफारिशों के संसाधनों की के लिए किसी राज्य की संचित निधि अनपूर्ति के संवर्धन के लिए आवश्यक अध्यपायो के बारे में
  6. (घ) सुदृढ़ के हित में राष्ट्रपति दूवारा आयोग को किए वित्त सिफारिशों गए किसी अन्य विषय के बारे में, नगरपालिकाओं अनुपूर्ति राष्ट्रपति को सिफारिश करे ।
  7. (4) आयोग अपनी प्रक्रिया अवधारित करेगा गा और अपने कृत्यों के पालन में उसे ऐसी शक्तियां होंगी जो संसद, विधि दूवारा, उसे प्रदान करे । सददढ़ वित्त निर्दिष्ट रूप मैं किया गया । संविधान (तिहत्तरवां (चौहत्तरवां संविधान (चौहत्तरवां पुनःअक्षरांकित 2--वित्त, संपत्ति, वित्त सिफारिशें -- राष्ट्रपति

इसका अर्थ

ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।

यह अनुच्छेद वित्त आयोग बनाता है। राष्ट्रपति हर पांचवें वर्ष या जरूरत पड़ने पर पहले उसे गठित करते हैं। वह संघ और राज्यों के बीच शुद्ध कर प्राप्तियों के बंटवारे, राज्यों को अनुदान और पंचायतों-नगरपालिकाओं की निधियां बढ़ाने के उपायों की सिफारिश करता है। संसद कानून से उसके कार्यक्षेत्र बढ़ा सकती है।

Article 280 in English