भाग 12 · वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद

अनुच्छेद 294 कछ दशाओं में अधिकारों, दायित्वों और बाध्यताओं का

  1. इस संविधान के प्रारंभ भ से ही शर्तों (क) जो और आस्तियां ऐसे प्रारंभ भ से ठीक पहले भारत डोमिनियन जिन्हें की सरकार के प्रयोजनों के लिए हिज मजेस्टी में निहित थीं और जो और आस्तियां ऐसे प्रारंभ भ से ठीक पहले प्रत्येक राज्यपाल वाले प्रांत की सरकार के अध्याय संपत्ति, प्रयोजनों के लिए हिज मजेस्टी में निहित थीं, वे सभी इस संविधान के प्रारंभ भ से पहले पाकिस्तान डोमिनियन के या पश्चिमी बंगाल, बंगाल, पश्चिमी पंजाब संपत्ति, आस्तियों, और पंजाब प्रांतों के स के कारण किए गए या किए जाने वाले किसी उत्तराधिकार -- -- समायोजन के अधीन रहते हुए क्रमशः संघ और तत्स्थानी राज्य में निहित होंगी; और संपत्ति संपत्ति पूर्वी पूर्वी सृजन भारत का संविधान सं वधान 168 42--वित्त, संपत्ति, संविदाएं अधिकार, दायित्व बाध्यताएं डोमिनियन (ख) जो अ धकार, दा य व और बा यताएं भारत डो की नयन क सरकार की प्रत्येक राज्यपाल प्रांत संविदा और येक रा यपाल वाले की सरकार की थीं, चाहे वे किसी सं वदा से या अन्यथा उद्धृत हुई संविधान प्रारंभ पाकिस्तान अ यथा उ हों, त हु ई ह, वे सभी इस सं वधान के भ से पहले पा डोमिनियन क तान पश्चिमी पूर्वी पश्चिमी पूर्वी डो म नयन के या पि चमी बंगाल, पू व बंगाल, पि चमी पंजाब और पू व पंजाब प्रांतों के सूजन के कारण किए गए या किए जाने वाले किसी समायोजन के अधीन क्रमशः प्रत्येक तत्स्थानी राज्य रहते हुए ए मशः भारत सरकार और येक त थानी की य क सरकार के अधिकार, दायित्व बाध्यताएं होंगी । अ धकार, दा य व और बा यताएं ह गी । अन्य संपत्ति, आस्तियों, अधिकारों, दायित्वों बाध्यताओं

इसका अर्थ

ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।

यह अनुच्छेद पुराने को नए को सौंपता है। संविधान के प्रारंभ पर पुराने डोमिनियन की संपत्ति और संपत्ति संघ को मिली। अधिकार और दायित्व भी उसी क्षण आए। प्रांत की संपत्ति संबंधित राज्य को गई। नए ढांचे को पुरानी विरासत मिली।

Article 294 in English