अनुच्छेद 287 व यु त पर करों से छूट— वहां तक के सिवाय, जहां तक संस विधि
दवारा अ यथा उपबंध करे, किसी रा की क कोई व ध(कसी सरकार द्वारा या अ य संविधान अधिनियम, क्रय यि तय वारा उ पा दत) व यु त के उपभोग या व य पर जिसका विक्रय क्रय विक्रय" प्रतिस्थापित । संविधान अधिनियम, प्रतिस्थापित । न. सं वधान (एक सौ एकवां संशोधन) अ ध नयम, 2016 की धारा 13(i)(अ) दूवारा (16-9-2016 से) "माल के य या संविधान अधिनियम,
व्याख्या।स्पष्टीकरण व य पर, जहां ऐसा य या व य" के स्थान पर त था पत । या उसके" के स्थान पर त था पत । प्रतिस्थापित । किया गया । विक्रय" प्रतिस्थापित । पर त था पत । व य" के स्थान पर त था पत । किया गया । 2--वित्त, संपत्ति,
(क) भारत सरकार द्वारा उपभोग किया जाता है या भारत सरकार द्वारा उपभोग किए जाने के लिए उस सरकार को विक्रय किया जाता है; या निर्माण,
(ख) किसी रेल ल के बनाए रखने या चलाने में भारत सरकार या किसी रेल ल कंपनी द्वारा, जो उस रेल ल को चलाती है, उपभोग किया जाता है अथवा किसी रेल ल के बनाए रखने या चलाने में उपभोग के लिए उस सरकार या निर्माण, उपक्षोग किसी ऐसी रेल ल कंपनी को विक्रय किया जाता है, कोई कर अधिरोपित नहीं करेगी गी या कर का अधिरोपण प्राधिकृत नहीं करेगी और विद्युत के विक्रय पर कोई कर अधिरोपित करने या कर का अधिरोपण प्राधिकृत करने वाली कोई ऐसी विधि यह सुनिश्चित करेगी कि भारत सरकार दवारा उपभोग किए जाने के लिए उस सरकार को, या किसी रेल ल के बनाए रखने या चलाने में उपभोग के लिए यथापूर्वोक्त किसी रेल ल कंपनी को विक्रय की गई विद्युत की कीमत, उस कीमत से जो निर्माण, विद्युत का प्रचुर मात्रा में उपभोग करने वाले अन्य उपभोक्ताओं से ली जाती है, उतनी कम होगी जितनी कर की रकम है ।
इसका अर्थ
ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।
यह अनुच्छेद बिजली पर करों को सीमित करता है। राज्य उस बिजली के उपयोग या बिक्री पर कर नहीं लगा सकता जो संघ या उसकी रेलवे ने भंडारित, पैदा या उपयोग की हो। संघ के निर्माण या व्यापार में लगी बिजली पर संसद की अनुमति से कर हो सकता है।