भाग 12 · वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद
अनुच्छेद 292 भारत सरकार द्वारा उधार लेना— संघ की कार्यपालिका शक्ति का
- -- विस्तार, भारत की संचित निधि की प्रतिभूति पर ऐसी सीमाओं के भीतर, यदि कोई हों, संसदू समय-समय पर विधि द्वारा नियत करे, उधार लेने तक और ऐसी सीमाओं जिन्हें के भीतर, यदि कोई हों, इस प्रकार नियत किया जाए, प्रत्याभूति देने ने तक है । जिन्हें
इसका अर्थ
ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।
यह अनुच्छेद संघ के उधार लेने की अनुमति देता है। संघ भारत की संचित निधि की गारंटी पर उधार ले सकता है। संसद कानून से सीमा तय करती है। संघ उन सीमाओं के भीतर गारंटी भी दे सकता है। उधार संघ की कार्यपालिका शक्ति है। गारंटियां उसी सीमा से गिनी जाती हैं।