भाग 6 · राज्य

अनुच्छेद 165 राज्य का महाधिवक्ता

  1. (1) प्रत्येक राज्य का राज्यपाल, उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त होने के लिए किसी व्यक्ति को राज्य का महाधिवक्ता नियुक्त करे गा । अर्हित (2) का यह कर्तव्य होगा कि वह उस राज्य की सरकार को विधि संबंधी ऐसे विषयों पर सलाह दे और विधिक स्वरूप के ऐसे अन्य का पालन करे जो राज्यपाल उसको समय-समय पर करे या सौंपे और उन कृत्यों का निर्वहन महाधिवक्ता करे जो उसको इस संविधान अथवा तत्समय प्रव अन्य विधि द्वारा या उसके कर्तव्यों अधीन प्रदान किए गए हों । । निर्देशित (3) राज्यपाल के प्रसादपर्यत पद धारण करेगा गा और ऐसा प्रवृत्त किसी पारिश्रमिक प्राप्त करेगा गा जो राज्यपाल अवधारित करे । कायर् का संचालन

इसका अर्थ

ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।

यह अनुच्छेद राज्य का महाअधिवक्ता बनाता है। राज्यपाल उच्च न्यायालय का न्यायाधीश होने योग्य व्यक्ति नियुक्त करते हैं। महाअधिवक्ता राज्यपाल द्वारा भेजे कानूनी विषयों पर राज्य सरकार को सलाह देता है। पद के साथ कानूनी प्रकृति के कर्तव्य भी जुड़े हैं। यह राज्यपाल की प्रसन्नता के दौरान चलता है, और वेतन राज्यपाल तय करते हैं। अनुच्छेद 177 इसे विधान-मंडल में आवाज देता है।

Article 165 in English