भाग 6 · राज्य

अनुच्छेद 233 जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति

  1. किसी (1) राज्य में जिला न्यायाधीश नियुक्त होने वाले व्यक्तियों की नियुक्ति तथा जिला न्यायाधीश की पदस्थापना और संविधान (निन्‍्यानवेवां किया गया । यह संशोधन सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स आन एसोसिएशन और अन्य बनाम भारत संघ दवारा (ए.आई.आर. 2016 एस.सी. 117) वाले मामले में उच्चतम न्यायालय के तारीख 16-10-2015 के आदेश श अभिखंडित द्वारा कर दिया गया है । संशोधन के पूर्व उपखंड (क) निम्नानुसार था:— “(क) अनुच्छेद द 217 में उस राज्य के राज्यपाल के प्रति निर्देश श का यह अर्थ लगाया जाएगा कि वह उन सभी राज्यों के राज्यपालों के प्रति निर्देश श है जिनके संबंध में वह उच्च न्यायालय अधिकारिता का प्रयोग करता है;” । प्रोन्नति उस राज्य का राज्यपाल ऐसे राज्य के संबंध मैं अधिकारिता का प्रयोग करने वाले उच्च न्यायालय से परामर्श करके करे गा ।
  2. (2) वह व्यक्ति, जो संघ की या राज्य की सेवा में पहले से ही नहीं है, जिला न्यायाधीश नियुक्त त होने के लिए केवल तभी पात्र होगा जब वह कम से कम सात वर्ष नियुक्ति तक अधिवक्ता या प्लीडर रहा है और उसकी के लिए उच्च न्यायालय ने सिफारिश की है । 1 नियक्तियों

इसका अर्थ

ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।

यह अनुच्छेद जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति से जुड़ा है। राज्यपाल उच्च न्यायालय से परामर्श कर नियुक्ति करते हैं। उम्मीदवार कम से कम सात वर्ष अधिवक्ता रहा हो और उच्च न्यायालय की सिफारिश पा चुका हो। संघ या राज्य सेवा में पहले से कार्यरत व्यक्ति योग्य नहीं। योग्यता पर राज्यपाल उच्च न्यायालय की राय मानते हैं।

Article 233 in English