भाग 6 · राज्य

अनुच्छेद 168 राज्यों के विधान-मंडलों का गठन— (1) प्रत्येक राज्य के लिए एक विधान

  1. मंडल होगा जो राज्यपाल और—
  2. (क) 2*** शूआंध्र प्रदेश, श, 4*** गूमध्य प्रदेश,। श, 6*** महाराष्ट्र, कनार्टक भ.. भकमॉदद ८ बिहार, कर्नाटक कक (चवालीसवां संशोधन) अधिनियम, 1978 की धारा 23 द्वारा (20-6-1979 से) अन्तःस्थापित । संविधान (बयालीसवां (1-6-1985 से) लोप किया गया । गया । शब्दों विधान परिषद् 5. (सातवां संशोधन) अधिनियम, 1956 की धारा 8 द्वारा (1-11-1956 से) अंतःस्थापित । “तमिलनाडु” ” शब्द का लोप किया गया । विधान परिषद् अधिनियम, 8. मैसूर राज्य (नाम अधिनियम, 1973 (1973 का 31) की धारा 4 द्वारा (1-11-1973 से) “मैसूर” के स्थान पर प्रतिस्थापित, जिसे संविधान (सातवां संशोधन) अधिनियम, 1956 की धारा 8(1) दूवारा (1-11-1956 से) अंतःस्थापित किया गया था । शब्द का लोप किया गया । संविधान तमिलनाडु विधान परिषद् परिवर्तन) भारत का संविधान फ्ह 76 (भाग 6—राज्य) ' श्तमिलनाडु, उत्तर राज्यों में तेलंगाना और प्रदेश श दो सदनों से; 1 2 (ख) अन्य राज्यों में एक सदन से, दूसरे मिलकर बनेगा ।
  3. (2) जहां किसी राज्य के विधान-मंडलर के दो सदन हैं वहां एक का नाम विधान परिषद् और दस रे का नाम विधान सभा होगा और जहां केवल एक सदन है वहां उसका राज्यों में विधान परिषदों सृजन-- अनुच्छेद में नाम विधान सभा होगा । किसी

इसका अर्थ

ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।

यह अनुच्छेद हर राज्य के लिए विधान-मंडल बनाता है। इसमें राज्यपाल और एक या दो सदन होते हैं। दो सदन हों, तो एक विधान परिषद और दूसरा विधान सभा। एक ही सदन हो, तो वह विधान सभा है। केवल कुछ राज्यों में विधान परिषद है। ज्यादातर राज्य एकसदनी हैं, केवल सभा के साथ।

Article 168 in English