भाग 6 · राज्य
अनुच्छेद 187 राज्य के का सचिवालय
- (1) राज्य के विधान-मंडलर के सदन का या प्रत्येक सदन का प होगा: विधान-मंडत्र परंतु तु वाले राज्य के विधान-मंडल की दशा मैं, इस खंड की किसी पृथक् सचिवीय कर्मचारिवृन्द बात का यह अर्थ नहीं लगाया जाएगा कि वह ऐसे विधान-मंडल के दोनों सदनों के लिए पदों के स को निवारित करती है । विधान परिषद् (2) राज्य का विधान-मंडल, विधि द्वारा, राज्य के विधान-मंडल के सदन या सदनों के सचिवीय में का और नियुक्त की सेवा की का सम्मिलित सृजन विनियमन कर सकेगा । कर्मचारिवूंद भर्ती व्यक्तियों शर्तों (3) जब तक राज्य का विधान-मंडल खंड (2) के अधीन उपबंध नहीं करता है तब यथास्थिति, अध्यक्ष तक राज्यपाल, विधान सभा के या विधान परिषद् के सभापति से विधान कर्मचारिवृंद परामर्श करने के पश्चात ् सभा के या विधान परिषद् के सचिवीय में भर्ती व्यक्तियों शर्तों के और नियुक्त की सेवा की के विनियमन के लिए नियम बना सकेगा और इस प्रकार बनाए गए नियम उक्त खंड के अधीन बनाई गई किसी विधि के उपबंधों के अधीन रहते हुए, प्रभावी होंगे । । कार्य कायर् संचालन
इसका अर्थ
ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।
यह अनुच्छेद हर सदन को अपना सचिवालय देता है। राज्य विधान-मंडल के सदन या हर सदन का अलग सचिवालयी कर्मचारी वर्ग है। दो सदनों वाले राज्य में साझा पद बनाए जा सकते हैं। राज्य विधान-मंडल कानून से भर्ती और सेवा शर्तों का नियमन कर सकता है। तब तक राज्यपाल अध्यक्ष या सभापति से परामर्श कर नियम बनाते हैं।