भाग 6 · राज्य
अनुच्छेद 215 उच्च न्यायालयों का अभिलेख न्यायालय होना— प्रत्येक उच्च न्यायालय
- अभिलेख न्यायालय होगा और उसको अपने अवमान के लिए दंड ड की ने शिक्त देने शक्ति सहित ऐसे न्यायालय की सभी शक्तियां होंगी । ।
इसका अर्थ
ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।
यह अनुच्छेद हर उच्च न्यायालय को अभिलेख न्यायालय बनाता है। अभिलेख न्यायालय अपनी कार्यवाही का स्थायी लेखा रखता है, और उस लेखे को हर जगह पूरी कानूनी शक्ति मिलती है। हर उच्च न्यायालय को ऐसे न्यायालय की सारी शक्तियां हैं। इनमें अपने अवमानना पर दंड देने की शक्ति भी आती है।