भाग 6 · राज्य
अनुच्छेद 195 सदस्यों के वेतन और राज्य की विधान सभा और विधान परिषद् के
- भत्ते-- सदस्य ऐसे वेतन और उस राज्य का समय-समय पर, विधि भत्ते, जिन्हें विधान-मंडत्र, दूवारा, अवधारित करे और जब तक इस संबंध मैं इस प्रकार उपबंध नहीं किया जाता है तब तक ऐसे वेतन और ऐसी दरों से और ऐसी पर, जो तत्स्थानी प्रांत की भत्ते, शर्तों विधान सभा के सदस्यों को इस संविधान के प्रारंभ भ से ठीक पहले लागू थीं, प्राप्त करने के हकदार होंगे । ।
इसका अर्थ
ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।
यह अनुच्छेद राज्य विधान-मंडलों के सदस्यों का वेतन देता है। सभा और परिषद के सदस्यों को वेतन और भत्ते मिलते हैं। ये राज्य का विधान-मंडल कानून से तय करता है। ऐसा कानून बनने तक राज्यपाल के नियमों से भुगतान होता है।