भाग 6 · राज्य

अनुच्छेद 235 अधीनस्थ न्यायालयों पर नियंत्रण

  1. जिला न्यायालयों और उनके अधीनस्थ व्यक्तियों न्यायालयों का नियंत्रण, जिसके अंतर्गत राज्य की न्यायिक सेवा के और जिला व्यक्तियों न्यायाधीश के पद से अवर किसी पद को धारण करने वाले की पदस्थापना, किंतु प्रोन्नति और उनको छुट्टी देना ना है, उच्च न्यायालय में निहित होगा, तु इस अनुच्छेद की किसी बात का यह अर्थ नहीं लगाया जाएगा कि वह ऐसे किसी व्यक्ति से उसके शर्तों अपील के अधिकार को छीनती है जो उसकी सेवा की का विनियमन करने वाली विधि के अधीन उसे है या उच्च न्यायालय को इस बात के लिए प्राधिकृत करती है कि शर्तों वह उससे ऐसी विधि के अधीन विहित उसकी सेवा की के अनुसार व्यवहार न करके अन्यथा व्यवहार करे । निर्वचन--इस अध्याय में,

इसका अर्थ

ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।

यह अनुच्छेद निचली अदालतों को उच्च न्यायालय के अधीन रखता है। जिला न्यायपालिका का पदास्थापन, पदोन्नति और अवकाश उच्च न्यायालय के पास है। यह नियंत्रण निचली पीठ को उच्च न्यायालय के प्रति उत्तरदायी रखता है। जिला पीठ राज्य का विभाग नहीं है।

Article 235 in English