भाग 6 · राज्य

अनुच्छेद 199 “धन विधेयक” की परिभाषा

  1. (1) इस अध्याय के प्रयोजनों के लिए, कोई विधेयक धन विधेयक समझा जाएगा यदि उसमें केवल निम्नलिखित सभी या किनन्‍्हीं विषयों से संबंधित उपबंध हैं, अर्थात्:-- अथार्त ्:—
  2. (क) किसी कर का अधिरोपण, उत्सादन, परिहार, परिवर्तन या विनियमन
  3. (ख) राज्य द्वारा धन उधार लेने का या कोई प्रत्याभूति देने ने का विनियमन अथवा राज्य द्वारा अपने ऊपर ली गई या ली जाने वाली किन्हीं वित्तीय बाध्यताओं से संबंधित विधि का संशोधन
  4. (ग) राज्य की संचित निधि या आकस्मिकता निधि की अभिरक्षा, ऐसी किसी निधि में धन जमा करना या उसमें से धन निकालना
  5. (घ) राज्य की संचित निधि में से धन का विनियोग
  6. (ड) किसी व्यय को राज्य की संचित निधि पर भारित व्यय घोषित करना या ऐसे किसी व्यय की रकम को बढ़ाना
  7. (च) राज्य की संचित निधि या राज्य के लोक लेखे मदूधे धन प्राप्त करना अथवा ऐसे धन की अभिरक्षा या उसका निर्गमन; या (छ) उपखंड (क) से उपखंड (च) में विनिर्दिष्ट किसी विषय का आनुष॑गिक कोई विषय । ।
  8. (2) कोई विधेयक केवल इस कारण धन विधेयक नहीं समझा जाएगा, कि वह जुर्मानों या अन्य धनीय शास्तियों के अधिरोपण का अथवा अनज्ञप्तियों के लिए फीसों की या की गई सेवाओं के लिए फीसों की मांग का या उनके संदाय का उपबंध करता है अथवा इस कारण धन विधेयक नहीं समझा जाएगा कि वह किसी स्थानीय प्राधिकारी या निकाय दूवारा स्थानीय प्रयोजनों के लिए किसी कर के अधिरोपण, उत्सादन, परिहार, परिवर्तन या विनियमन का उपबंध करता है । यदि (3) यह प्रश्न उठता है कि विधान परिषद् वाले किसी राज्य के विधान-मंडल में पुरमस्थापित कोई विधेयक धन विधेयक है या नहीं तो उस पर उस राज्य की विधान अध्यक्ष सभा के का विनिश्चय अंतिम होगा । पारेषित किया (4) जब धन विधेयक अनुच्छेद द 198 के अधीन विधान परिषद् को पारे समक्ष जाता है और जब वह अनुच्छेद द 200 के अधीन अनुमति के लिए राज्यपाल के अध्यक्ष हस्ताक्षर प्रस्तुत किया जाता है तब प्रत्येक धन विधेयक पर विधान सभा के के पृष्ठांकित किया सहित यह प्रमाण प जाएगा कि वह धन विधेयक है । विधेयकों

इसका अर्थ

ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।

यह अनुच्छेद राज्य के धन विधेयक की परिभाषा देता है। विधेयक धन विधेयक है, यदि वह केवल कर, उधार या राज्य की संचित निधि की संरक्षा से संबंधित हो। इसमें अधिरोपित व्यय और लेखों की प्राप्ति व लेखा परीक्षा भी आते हैं। जुर्माने और लाइसेंस फीस किसी विधेयक को धन विधेयक नहीं बनाते। प्रश्न उठने पर सभा के अध्यक्ष का निर्णय अंतिम है।

Article 199 in English