भाग 6 · राज्य

अनुच्छेद 173 रा य के विधान-मंडल की सद यता के लिए अहता— कोई यि त कसी

  1. एक-तिहाई सदस्य द्वारा विधि निमित्त में य म वधान-मंडल के किसी स्थान को भरने के लिए चुने ने जाने के लिए अ हत तभी अनुसार, प्रत्येक द्वितीय वर्ष समाप्ति यथाशकक्‍्य शीघ्र निवृत्त होगा जब—
  2. (क) वह भारत का नाग रक है और नवाचन आयोग द्वारा इस न म त राज्य सदस्यता व्यक्ति किसी धकृ त कसी यि त के सम तीसरी अनु में ची म इस योजन के लिए दिए गए राज्य विधान-मंडल अर्हित प के अनु सार शपथ लेता ता है या त करता है और उस पर अपने ह ता र करता है; थू(क) नागरिक निर्वाचन निमित्त प्राधिकृत किसी व्यक्ति समक्ष अनुसूची प्रयोजन न. सं वधान (बयाल सवां संशोधन) अ ध नयम, 1976 की धारा 30 द्वारा (3-1-1977 से) “पांच वर्ष” के स्थान पर त था पत और त प चात ् सं वधान (चवाल सवां संशोधन) अ ध नयम, 1978 की धारा 24 दूवारा (6-9-1979 से) प्रूप अनुसार प्रतिज्ञान हस्ताक्षर “छह वर्ष” के स्थान पर त था पत । त था पत । संविधान (बयालीसवां अधिनियम, प्रतिस्थापित तत्पश्चात् संविधान (चवाल्लीसवां अधिनियम, प्रतिस्थापित । संविधान अधिनियम, प्रतिस्थापित ।
  3. (ख) वह विधान सभा के स्थान के लिए कम से कम पच्चीस वर्ष की आयु का और विधान परिषद् के स्थान के लिए कम से कम तीस वर्ष की आयु का है; और
  4. (ग) उसके पास ऐसी अन्य अहताएं हैं जो इस निमित्त संसद् दूवारा बनाई गई किसी विधि द्वारा या उसके अधीन विहित की जाएं ।

इसका अर्थ

ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।

यह अनुच्छेद राज्य विधान-मंडल की सदस्यता की योग्यताएं रखता है। व्यक्ति भारत का नागरिक हो और निर्धारित शपथ ले। विधान सभा के लिए न्यूनतम उम्र पच्चीस वर्ष है। विधान परिषद के लिए तीस वर्ष। कानून और योग्यताएं जोड़ सकता है।

Article 173 in English